Saturday, November 27, 2021
- Advertisement -

किसानों को बिस्कुट, केला खिलाने के लिए वैशाली से आता है चार साल का बच्चा

Must Read

देश की पहली एमबीए पास सरपंच है छवि, अपनी मेहनत से बदल दी गांव की सूरत

नई दिल्ली : हमने किताबो, किस्से कहानियों में ऐसी चीजे जरूर पढ़ी होगी जिसमे युवा ने कॉरपोरेट नौकरी (corporate...

आपकी लाइफ बदल देगा मिट्टी का ये ए. सी. , बिना बिजली और बिना खर्च के देता है ठंडक

नई दिल्ली : जिस तरह से गर्मी बढ़ती जा रही जा रही है एयर कंडीशनर का प्रयोग भी बढ़ता...

अंग्रेजी हुकूमत को चारों खाने चित्त कर दिया था बोरोलीन ने, आज भी बाजार में है इस क्रीम का दबदबा

बोरोलीन बाज़ार में एक जानी मानी एंटीसेप्टिक क्रीम की ब्रांड है। आज इतने वर्षों बाद भी बोरोलीन का बाज़ार...

New Delhi: दिल्ली-गाजीपुर बॉर्डर पर किसानों का घरना जारी है। भले ही सरकार उनकी मांगे नहीं मान रही हो, लेकिन उनके साथ सभी वर्ग के लोग जुड़ रहे हैं। इस बात का अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि दिल्ली की सर्दी में एक चार का बच्चा किसानों के लिए धरना स्थल पर आ रहा है। संग में अपने केले व बिस्कुट ला रहा है, और बड़े प्यार से किसानों को खिला रहा है। इस बच्चे का नाम रेहान है जो अपने पिता के साथ वैशाली से आया है। खास बात यह है कि वह किसानों को मास्क लगाने के लिए भी जागरूक करता है, और वह खुद मास्क लगाकर रखता है। गौर करने वाली बात यह है कि किसानों के विरोध प्रदर्शन में हिस्सा व समर्थन देने के लिए अब कोने-कोने से आवाज उठने लगी हैं

क्या बोले रेहान के पिता
रेहान के पिता मेहताब आलम ने कहा कि वह अपने बच्चे के साथ रोजाना धरना स्थल पर आते हैं। वह बताते हैं कि वह एक किसान परिवार से आते हैं और बिहार के रहने वाले हैं, किसान परिवार के होने के नाते हम किसानों का दर्द समझ सकते हैं कि उन्हें यहां सडक़ पर कितनी कठिनाईयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि उनका बेटा भी धरना स्थल पर जाने की जिद कर रहा था तो मैं उसे यहां ले आया। रेहान ने कहा था कि वह अपनी पसंद की चीज किसानों को खिलाना चाहता है। इसलिए संग में केले व बिस्कुट लेकर आया। आलम बताते हैं कि वह महीने का 20 हजार रुपये कमाते हैं जिससे वह किसानों के लिए खाने-पीने का सामान खरीदते हैं।

source hindustan times

- Advertisement -

Latest News

देश की पहली एमबीए पास सरपंच है छवि, अपनी मेहनत से बदल दी गांव की सूरत

नई दिल्ली : हमने किताबो, किस्से कहानियों में ऐसी चीजे जरूर पढ़ी होगी जिसमे युवा ने कॉरपोरेट नौकरी (corporate...
- Advertisement -

और भी पढ़े

- Advertisement -