Monday, April 19, 2021
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पढ़ने के लिए करते थे सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी, आज खुद की कंपनी से कमाते हैं करोड़ों रूपये

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रुकावटें आती हैं सफलता की राहों में यह कौन नहीं जनता, फिर भी वह मंज़िल पा ही लेता है जो कभी हार नहीं मानता| यह लेख इस वाक्य को पूर्णत: सार्थक बनाता है क्यूंकि इस लेख में जिस शक्स के बारें में हम बात करने जा रहे हैं उनका व्यक्तित्व इस वाक्य से मिलता हुआ है| आज हम बात करने जा रहे हैं विकास उपाध्याय के बारें में| विकास की ज़िंदगी का सफर बहुत ही कठिन था लेकिन विकास ने कभी हार नहीं मानी और आज सफलता उनके कदम चूम रही है|

बहुत ही हिम्मत वाले हैं विकास

उत्तरप्रदेश के जालौन ज़िले के रामपुरा गाँव में रहने वाले विकास उपाध्याय आज अपनी मेहनत से सफलता को हासिल कर चुके है| विकास अपने परिवार के साथ ही रहते थे| उनके पिताजी एक दुकान चलाया करते थे जिससे पूरे घर का खर्च चलता था| उस समय विकास बहुत ही छोटे थे| उनकी माँ भी बीमार रहती थी| उनके पिता हमेशा से चाहते थे कि विकास एक दिन पढ़-लिखकर बड़ा आदमी बने|

आर्थिक संकट से निपटने के लिए गली-गली ब्रैड बेचा करते थे विकास

उनकी माँ के इलाज के लिए उनके पिता को लोगों से कर्ज़ लेना पड़ा जिससे वह कर्ज़ के बोझ तले दब गए थे| उसके बाद विकास के पिता ने सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी की| घर की आर्थिक स्थिति को ठीक करने के लिए विकास भी पढ़ाई के साथ-साथ छोटे-मोटे काम करने लगे| वह गाँव में गली-गली जाकर ब्रैड बेचा करते थे| इन सभी संकटों के बीच भी विकास ने हार नहीं मानी और अपनी 10वीं कक्षा पास की|

बेटे को पढ़ाने के लिए माँ ने बेच दिये थे अपने गहने

घर के आर्थिक हालत ठीक नहीं थे लेकिन उनकी माँ भी चाहती थी कि विकास आगे पढ़े इसलिए विकास को आगे पढ़ाने के लिए उन्होंने अपने गहने बेच दिये| इसी के साथ साथ विकास ने भी अपनी पढ़ाई का खर्च निकालने के लिए रिचार्ज वाउचर बेचना शुरू कर दिया|

स्नातक में पढ़ाई के साथ-साथ करते थे सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी

विकास ने बीटेक करने का फैसला किया लेकिन बीटेक की फीस भरना आसान नहीं था इसलिए विकास ने सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करना शुरू कर दिया, जिससे वह थोड़ा-बहुत अपने घर का खर्च भी चलाते थे| बीटेक करने के बाद विकास को नौकरी मिल गई लेकिन विकास इस नौकरी से खुश नहीं थे और वह खुद का बिज़नस करना चाहते थे जिसके लिए उन्होंने नौकरी को छोड़ दिया|

मात्र 4 हज़ार रूपये लेकर घर से निकले थे विकास

विकास ने खुद का बिज़नस करने का मन बनाया और 4 हज़ार रूपये के साथ नोएडा आकर रहने लगे| वहाँ उनकी मुलाकात एक व्यक्ति से हुई जो वेबसाइट बनाने वाले को ढूंढ रहे थे| विकास ने उनके लिए वेबसाइट बनाई और उस व्यक्ति को उनका काम बहुत पसंद आया| उन्होंने अपनी बिल्डिंग में विकास को रहने के लिए बेसमेंट दे दिया| उसके बाद विकास ने धीरे-धीरे अपने वेब डेवलपमेंट के काम को बढ़ाना शुरू कर दिया जिसके लिए उन्होंने अपने कुछ दोस्तों को इसमें जोड़ लिया| धीरे-धीरे वह आईटी क्षेत्र में भी निपूर्ण हो रहे थे|

आज कमाते हैं करोड़ों में

विकास को उनकी मेहनत से बड़े-बड़े प्रोजेक्ट मिलना शुरू हो गया और उन्होंने इसमें और लोगों को नौकरी देना भी शुरू कर दिया| आज उनकी मेहनत रंग लाई| आज विकास की कंपनी का टर्नओवर करोड़ों में है| साथ ही आज उनकी कंपनी विदेशों में भी काम कर रही है| आज उनकी कंपनी का मुख्यालय नोएडा में है और साथ ही कनाडा में भी वह ब्रांच खोल चुके है और दुबई में एक और ब्रांच खोलने की तैयारी कर रहे हैं|

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