Friday, April 23, 2021
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शादी के महज 15 दिन बाद पति ने छोड़ा लेकिन नहीं मानी हार, खुद की नई पहचान के साथ बन गईं सरकारी अफसर

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आज वर्तमान समय में और “पढ़े-लिखे” समाज में जगह-जगह देखा जाता है कि लोग अपने ही बच्चों में भेद-भाव करते हैं| कुछ लोग सोचते हैं कि सिर्फ लड़का ही कुछ कर सकता है और लड़की तो सिर्फ शादी करने के लिए और चूल्हा-चौका के लिए पैदा हुई है| लेकिन आज कहानी एक ऐसी लड़की की जिसने अपनी मेहनत से ऐसा सोचने वालों की सोच पर करारी चोट की है| आज इन्होंने साबित कर दिया है कि लड़कियां, लड़कों से कम नहीं हैं, वह चाहे तो कुछ भी कर सकती हैं|

बहुत ही प्रेरणादायक है कोमल गणात्रा की कहानी

कोमल गणात्रा गुजरात में रहती थी| कोमल के पिता पेशे से एक शिक्षक है जो विद्यार्थियों के साथ-साथ अपने बच्चों को भी जीवन का पाठ पढ़ाया करते थे| उन्हीं पाठों का सहारा लेकर आज कोमल ने वो कर दिखाया है जो शायद हर कोई न कर पाए| कोमल आज आईआरएस अफसर बन चुकी हैं और अपने परिवार का नाम रोशन कर रही हैं, लेकिन इस सफर में सब कुछ इतना आसान नहीं था|

बचपन से ही था पढ़ने का शौक, मातृभाषा में पढ़ने पर करती हैं गर्व

जैसा की हमने बताया कि कोमल के पिता पेशे से एक शिक्षक थे, इसलिए कोमल को बचपन से ही पढ़ने का बहुत शौक था| एक साक्षात्कार में उन्होंने बताया कि उन्होंने अपनी मातृभाषा गुजराती में ही अपनी सारी पढ़ाई पूरी की है, जिसे वह अपना सौभाग्य मानती हैं| उन्होंने जिस साल यूपीएससी पास किया था तो वह गुजराती साहित्य की टॉपर थी| बचपन से ही उनके पिता ने कभी अपने बच्चों में लड़का-लड़की का भेद नहीं किया और वह चाहते थे कि कोमल एक दिन आईएएस अफसर बने|

पढ़ाई के साथ साथ नौकरी भी करती थी कोमल

कोमल के जीवन में अनेकों उतार-चढ़ाव आए लेकिन उन्होंने अपनी पढ़ाई नहीं छोड़ी| कोमल ने ओपन विश्वविद्यालय से अपनी आगे की शिक्षा पूरी की| उसके बाद भी वह रुकी नहीं| स्नातक करने के बाद उन्होंने तीन अलग-अलग भाषा में भी स्नातक की उपाधि हासिल की| इसी के साथ-साथ कोमल स्कूल भी पढ़ाती थी, जहां उन्हें महज 1 हज़ार रुपए मिलते थे| इसी के साथ-साथ कोमल प्रतियोगी परीक्षाओं की भी तैयारी कर रही थी|

शादी ने बदल दी जिंदगी की दिशा

कोमल अपनी पढ़ाई के साथ-साथ नौकरी भी करती रहीं तभी उनकी शादी एक NRI से हो जाती है| माना जाता है कि जब दो लोग शादी जैसे पवित्र बंधन में बंधते है तो वह एक दूसरे का साथ हमेशा देने का वादा करते हैं, लेकिन कोमल की जिंदगी में यह वादे तो हुए लेकिन सिर्फ 15 दिन तक ही चल पाए| कोमल ने gpsc का मेन्स पास कर लिया था और अब उन्हें साक्षात्कार के लिए जाना था, लेकिन उनके पति ने उन्हें नहीं जाने दिया| उसके बाद उनके पति वापस न्यूज़ीलैंड चले गए और कभी कोमल का उनसे संपर्क नहीं हो पाया|

मुश्किल दौर में भी नहीं मानी हार, पिता की बात को याद करके आगे बढ़ी

आप सोचिए कितना मुश्किल होगा एक लड़की के लिए वो समय जब उसका पति शादी के महज 15 दिन बाद उसे छोड़ दे| माना जाता है कि शादी लड़की के जीवन को सम्पूर्ण बनाती है, लेकिन अब कोमल जान चुकी थी कि लड़की का जीवन शादी से नहीं बल्कि उसके सफल भविष्य से ही सम्पूर्ण बनता है| कोमल के पिता हमेशा से उनको कहते थे कि “कोमल बेटा तुम श्रेष्ठ हो” बस इस बात को याद कर कोमल ने अपनी पढ़ाई शुरू करने की ठानी

कुछ विषयों को सीखने के लिए करती थी 300 km का अप-डाउन

कोमल इस हादसे से उभरने के लिए अपने मायके आ गई लेकिन वहाँ भी गाँव वालों और रिश्तेदारों के तानों ने उन्हें जीने नहीं दिया| उसके बाद कोमल अपने घर से 40 km दूर एक गाँव में आकर रहने लगी| जिस गाँव में वह रहती थी वह बहुत ही पिछड़ा गाँव था| वहाँ इंटरनेट, किताबें और कोचिंग आदि सुविधाएं नहीं थी| यहाँ तक कि गाँव में अंग्रेज़ी अखबार या मैगजीन तक नहीं आते थे| इसके लिए कोमल कुछ विषयों की पढ़ाई के लिए गाँव से 150 km दूर अहमदाबाद जाया करती थी|

अपनी कड़ी मेहनत से बन गई सरकारी अफसर

इसके बाद कोमल ने कड़ी मेहनत की लेकिन तीन सबार वह परीक्षा को पास करने में असफल रहीं| उसके बाद चौथे प्रयास में कोमल ने upsc की परीक्षा को पास किया और 591वीं रैंक हासिल की| जिस वर्ष कोमल ने upsc पास किया था उस वर्ष वह upsc में चयनित होने वाली गुजरात से एक मात्र महिला उम्मीदवार थी| कोमल ने मुश्किल वक़्त में भी कभी हार नहीं मानी और मेहनत करने के साथ साथ धैर्य भी रखा| आज कोमल रक्षा मंत्रालय में एड्मिनिस्ट्रेटिव ऑफिसर के पद पर नियुक्त हैं|

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