Wednesday, May 12, 2021
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आने वाली पीढ़ी को स्वच्छ हवा दिलाने के लिए 74 साल का बुजुर्ग लगा चुका 2500 नीम के पौधे

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New Delhi: हमारे समाज में ऐसे बहुत से लोग हैं, जो आने वाली पीढ़ी के बारे में सोचते हैं, लेकिन एक उम्र के बाद वह भी शायद वह भी आने वाली पीढ़ी के बारे में सोचना बंद कर देते हैं। लेकिन आज बात एक ऐसे बुजुर्ग की जो 74 साल की उम्र में अपने शहर में हरियाली लाने के लिए अब तक 2500 से ज्यादा नीम के पौधे लगा चुके हैं। इस बुजुर्ग का नाम कोंडा वेंकटस्वामी रेड्डी है।

साल 2003 में हुए रिटायर
वेंकटगिरी राजा कॉलेज से तेलुगु भाषा के प्रोफेसर के रुप में रिटायर हुए। खास बात यह रही कि उन्होंने अपना जीवन पौधे रोपण अभियान को समर्पित किया। खास बात यह रहती थी कि जहां वह पौधा रोणण करते थे, वहां उसका ख्याल भी रखते थे। वह कहते हैं कि प्रत्येक व्यक्ति को एक लक्ष्य बनाना चाहिए, कि वह दुनिया को हरी-भरी करे। वह कहते हैं कि वह गोलगामुडी, वेंकैया स्वामी मंदिर, विक्रम सिम्हापुरी विश्वविद्यालय, केंद्रीय विद्यालय और नेल्लोर जिल के अन्य संसाथनों को वह पौधे वितरित करते हैं।

हरियाली के अलावा तेलुगु साहित्य से भी प्यार
कोंडा वेंकटस्वामी रेड्डी ने बताया कि उनका प्यार सिर्फ हरियाली तक ही सीमित नहीं है,.उनका प्यार तेलुगु साहित्य और तेलुगु भाषा के लिए भी है। वह बताते हैं कि वह स्कूलों में तेलुगु कविता को बढ़ावा देने के प्रयास करते रहते हैं। रेड्डी अपने दोस्तों के साथ मिलकर जिले के 300 सरकारी स्कूलों में तेलुगु पद्य रत्न की प्रतियां और प्रकाशम, चित्तूर और कडप्पा जिलों में वह 500 अन्य लोगों को वितरित करते हैं।

छात्रों के लिए दिये ये टिप्स
रेड्डी बताते हैं कि हर छात्र को स्कूल के दिनों में कम से कम 90 कविताएं सीखनी चाहिए। जिससे उनकी भाषा पर पकड़ अच्छी बने साथ ही रूचि भी पैदा हो सके। इससे छात्र भाषा को अच्छे से जान सकेंगे। वह कहते हैं कि छात्रों को भी पौधे रोपण जैसे कार्यक्रमों में हिस्सा लेना चाहिए।

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