Tuesday, April 20, 2021
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41 साल की महिला ने मरने के बाद बचा ली 4 लोगों की जान, कहानी दिल छू लेने वाली

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New Delhi: लोगों में ऐसी धारणा बनी हुई है कि अगर मृत्यु के बाद शरीर का कोई भी अंग हम डोनेट करते हैं तो अंतिम संस्कार के दौरान आत्मा को मुक्ति नहीं मिलती है। इसलिए अभी भी अधिकतर लोग अंगदान करने से बचते हुए दिखाई देते हैं। बहरहाल, आज हम आपको 41 साल की एक ऐसी महिला की कहानी बताने जा रहे हैं, जिन्होंने अंग दान कर चार लोगों की जीवन बचा ली है। भले ही यह महिला अब हमारे बीच नहीं है, लेकिन उनके होने का अहसास हमेशा उन चार शरीरों में होगा, जिनके के शरीर में महिला के अंग ट्रांसप्लांट किए गए हैं। हम जिस महिला की बात कर रहे हैं उनका नाम है सैयद रफत परवीन, जो गाजियाबाद के इंदिरापुरम में रहती थी। चलिए जानते हैं

ब्रेन डेड होने के बाद उनके अंगो को किया गया ट्रांसप्लांट
इंदिरापुरम में रहने वाली 41 साल की परवीन के ब्रेन डेड होने के बाद उनके दिल, किडनी और लिवर को चार लोगों के शरीर में ट्रांसप्लांट किया गया। वहीं परिवार को अपनी बेटी पर गर्व है कि उन्होंने मरने के बाद भी चार लोगों को नया जीवन दिया।

महिला के दिमाग की नसों में आई समस्या
प्राप्त जानकारी के अनुसार 41 साल की महिला के दिमाग के नसों में बीते कुछ दिन पहले ब्लीडिंग शुरु हुई थी। उसे एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों ने पूरी कोशिश की, उसे बचा लिया जाए। लेकिन रफत की स्थिति बिगड़ती ही गई। गुरुवार को डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

परिवार की रजामंदी के बाद हुआ अंगदान
मिली जानकारी के अनुसार रफत के परिवार की रजामंदी के बाद रफत के शरीर से उनका दिल, किडनी व लीवर अलग किया गया।

क्या कहा डॉक्टरों ने
डॉक्टरों ने बताया कि जिस अस्पताल में महिला की मौत हुई थी। इसी अस्पताल में दो मरीजों को एक किडनी और लिवर ट्रांसप्लांट किया गया। वहीं उत्तराखंड के एक 56 साल के मरीज को हार्ट ट्रांसप्लांट कर उसकी जान बचाई गई है।

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