Tuesday, April 20, 2021
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एक ट्रान्सजेंडर ने समाज के बुरे बर्ताव से तंग आकर शुरू किया अपना कैफे, आज अपने कैफे में देती हैं सभी को बराबरी का सम्मान

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ट्रान्सजेंडर, समाज का वो हिस्सा जिसे कानूनी तौर पर तो अपना लिया गया है लेकिन सामाजिक तौर पर अभी भी यह अलग-थलग दिखाई पड़ता है| वर्तमान में भी एक ट्रान्सजेंडर का इस “समाज” में जीना आसान नहीं है| लेकिन आज अनेकों ट्रान्सजेंडर अपने हक की और अपने अस्तित्व की लड़ाई स्वयं लड़ रहे हैं और अपने सुनहरे भविष्य के लिए मेहनत कर रहे हैं| आज हम आपको एक ऐसी ही एक ट्रान्सजेंडर वुमेन के बारें में बताने जा रहें हैं| जिसने समाज के बुरे बर्ताव का सामना किया लेकिन हार नहीं मानी|

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मल्टीटैलेंटेड हैं उरूज़ हुसैन

उरूज़ हुसैन मूलत: बिहार की रहने वाली हैं| उरूज़ एक ट्रान्सजेंडर वुमेन हैं और साथ ही वह मल्टीटैलेंटेड भी है| उरूज़ एक उद्यमी के साथ साथ सामाजिक कार्यकर्ता भी हैं| हाल ही में उरूज़ ने उत्तरप्रदेश के नोएडा के सेक्टर 119 में अपना एक कैफे खोला है| उरूज़ के द्वारा खोला यह कैफे सोशल मीडिया पर खूब सुर्खियां बटोर रहा है| आज उरूज़ ने अपने इस सराहनीय कार्य से सभी को गौरवान्वित किया है|

करना पड़ा था समाज के बुरे बर्ताव का सामना

चूंकि उरूज़ एक लड़के के शरीर में जन्मे थे लेकिन उनका बर्ताव पूर्णत: लड़कियों जैसा था, इसी कारण से उन्हें समाज के बुरे बर्ताव का भी सामना करना पड़ा| साथ ही अपने वर्कप्लेस पर भी उरूज़ को भेद-भाव का सामना करना पड़ा लेकिन उरूज़ ने हार नहीं मानी और हॉस्पिटैलिटी, इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग के क्षेत्र में नौकरी की| लेकिन उसके बाद उन्होंने खुद का बिज़नस करना ज्यादा उचित समझा और “street temptations” के नाम से खुद का कैफे शुरू किया |

उरूज़ के कैफे में नहीं होता भेद-भाव

एक साक्षात्कार में उरूज़ ने बताया कि उनके कैफे में सभी के साथ समान व्यवहार किया जाता है| साथ ही उनका कैफे जेंडर डिस्क्रिमिनेशन से मुक्त है| साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि आमतौर पर लोग ट्रान्सजेंडर को सिर्फ भिखारी, सेक्स वर्कर या नाचने वाली ही समझते हैं लेकिन सच्चाई इसके बिल्कुल विपरीत है| आज उरूज़ के कैफे में उनके साथ 6 और लोग भी कार्य कर रहे हैं|

उरूज़ के इस जज़्बे को citymailnews सलाम करता है साथ ही उरूज़ को उनके कैफे के लिए बधाई एवं शुभकमनाएँ देता है|

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