Wednesday, April 21, 2021
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विदेश नहीं जा सकती ,इसलिए क्लास 3 की छात्रा ने विभिन्न देशों के 5 हजार से ज्यादा माचिस कर लिए एकत्रित

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New Delhi: विदेश नहीं जा सकते, इसलिए विदेशों में मिलने वाली माचिस को जमा करने का शौक ही पाल लिया। जी हां ओडिशा की क्लास 3 की छात्रा ने यह शौक पाला है। छात्रा ने विभिन्न देशों के 5 हजार से अधिक माचिस को एकत्रित कर लिया है। छात्रा का नाम दिव्यांशी है। दिव्यांशी ने कहा कि वह विदेश नहीं जा सकती और पूरी दुनिया नहीं घूम सकती है। इसलिए वह विभिन्न देशों की माचिस को जमा करती आई हैं

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दिव्यांशी कहती हैं कि जब भी उनके रिश्तेदार कहीं जाते थे तो वह उन्हें वहां की माचिस की तिल्ली लाने के लिए कहती थी। दिव्यांशी ने बताया कि उन्होंने ज्यादा स्थान का भ्रमण नहीं किया है। इसके बजाय वह अपने रिश्तेदारों से कहती थी वह उनके लिए देश की माचिस लेकर आए। वह बताती हैं कि उनके पिता एक वन्यजीव फोटोग्राफर हैं, और वह भी जब कहीं बाहर जाते थे, वहां से माचिस बॉक्स लेकर आते थे।

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दिव्यांशी बताती हैं कि उनके पिता जब माचिस बॉक्स लेकर आते थे तो वहीं से उनका शौक बढ़ा। आज उनके पास नेपाल, पोलैंड, भूटान, जापान, सहित विभिन्न देशों के माचिस हैं। दिव्यांशी बताती हैं कि माचिस बॉक्स को सुरक्षित रखने में मेरे माता-रिता मेरी मदद करते हैं, वह अब तक 5 हजार से ज्यादा माचिस बॉक्स एकत्रित कर चुकी हैं। वह बताती हैं कि अवकाश के दौरान वह माचिस एकत्रित करने का काम करती हैं।

दिव्यांशी की मां गोपी मोहंती ने कहा कि वह पिछले तीन वर्षों से माचिस की तीली बटोर रही हैं। उनके पिता बहुत यात्रा करते थे, और अपने दोस्तों से भी माचिस ले आया करते थे, माचिस की पैकेजिंग डिजायन बहुत अच्छा होता था, इसलिए दिव्यांशी अपने पास रख लेती थी। यहीं कारण है कि वह बीते तीन वर्षों से तीलियों को एकत्रित कर रही हैं। इसलिए उनके पिता व हमारे रिश्तेदार जब भी बाहर जाते हैं तो दिव्यांशी के लिए माचिस लाते हैं। वह बताती हैं कि माचिस को एक प्लास्टिक के बक्से में रखते हैं।

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