Saturday, November 27, 2021
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एक डाक्टर ऐसा भी, जिस पर होगा मानवता को गर्व, फ्री में करते हैं स्ट्रीट डॉग का बेहतर ईलाज

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Sanjay Kapoorhttps://citymailnews.com
Sanjay kapoor is a chief editor of citymail media group

कोरोना काल ने लोगों को जीने के नए तौर तरीकों से अवगत करवाया है। लोगों को पता चला है कि जीवन कितना अनमोल है। संकट के इस दौर ने विश्व भर को मानवीय जीवन के तमाम पहलुओं से अवगत करवाया है। यही नहीं बल्कि इस विकट दौर में जहां लोग अपनी जान बचाने के लिए घरों में कैद होकर रह गए, वहीं दूसरी ओर ऐसे भी लोग थे, जिन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना खुद के साधनों से मानवता की भलाई के लिए कार्य किए। उन्होंने अपने घर से खर्चा किया और लोगों को राहत पहुंचाई। जरूरतमंद लोगों को भोजन करवाने को इन लोगों ने अपना लक्ष्य बना लिया। ऐसे ही संकट के दौर में एक शख्स ऐसे भी थे, जोकि सडक़ों पर रहने वाले बेघर कुत्तों की सेवा में जुटे थे।

क्वान बचपन से करते आए हैं कुत्तों की सेवा

इस शख्स का नाम है क्वान सटीवर्ड, यह अमेरिका के रहने वाले हैं। क्वान पेशे से जानवरों के डाक्टर हैं, मगर उन्हें कुतों से बहुत प्यार है। वह बचपन से ही संकट में फंसे जानवर और कुत्तों की मदद करते आए हैं। मगर कोरोना काल में वह अपनी जान की परवाह किए बिना सडक़ों पर आवारा घूमने वाले कुत्तों का इलाज करते रहे। होमलेस कुत्तों के ईलाज के लिए वह सारा खर्च अपनी जेब से ही करते हैं। इसके लिए अक्सर उन्हें रुपयों की परेशानी भी होती है, मगर इसकी परवाह किए बिना वह ईलाज में कोई कमी नहीं छोड़ते।

ईलाज के लिए अस्पताल भी ले जाते हैं कुत्तों को

अक्सर कुत्तों को वह ईलाज के लिए अस्पताल भी ले जाते हैं और सही तरीके से उनकी सहायता करते हैं। क्वान न्यू मैक्सिकों में पैदा हुए और वही पले और पढ़े हैं। बचपन में भी उन्होंने कई कुत्तों को संकट से बचाया है। पशुओं से प्यार के चलते वह उनके डाक्टर बन गए और अपना काम वेटेरनरी डाक्टर के तौर पर शुरू कर दिया। कोरोना काल में वह भी सेवा भाव का काम करना चाहते थे, इसके लिए उन्होंने होमलेस डॉग का ईलाज करने का अभियान शुरू किया। इसके लिए वह सडक़ों पर बिना घर के रह रहे कुत्तों का ईलाज करने के लिए निकल पड़े।

रुपयों के संकट का भी किया सामना

रुपयों की दिक्कत हुई तो भी क्वान अपना काम करते रहे। इस बीच कुत्तों के ईलाज के लिए उन्होंने लोगों से आर्थिक सहायता भी जुटाई। क्वान का कहना है कि वह बेघर लोगों के साथ रहने वाले कुत्तों का मुफ्त में इसलिए ईलाज करते हैं कि उनके पास उनका ईलाज करवाने के लिए पैसे नहीं होते। उन्हें इस कुत्तों का ईलाज करने सुखद लगता है। इसलिए वह बिना कुछ सोचे ऐसे जानवरों को सहायता मुहैया करवाने को अपना धर्म समझते हैं। क्वान आज भी सडक़ों पर रह रहे कुत्तों का इलाज कर रहे हैं। इसके कहते हैं मानवता की असली सेवा करना, जोकि अपने खर्च पर बिना कुछ सोचे इस कार्य को अंजाम दे रहे हैं।

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