Saturday, November 27, 2021
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पिता मजदूर, बेटे ने आईआईटी रुड़की में जीता स्वर्ण पदक, बिहारी बोले हमें गर्व है

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New Delhi: बिहार में का-बा, इस डायलॉग को आपने बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान सुना होगा। इसका मतलब है कि बिहार में है क्या। लेकिन आज उन लोगों के मुंह पर ताला लग जाएगा, जब वह सुनेंगे कि बिहार का एक लडक़ा जिसने आईआईटी रुड़की में स्वर्ण पदक जीत पूरे बिहार का नाम रौशन किया है। बिहार में राहुल जैसे युवा हैं जो अपनी मेहनत व लगन से अपने परिवार, समाज के साथ पूरे बिहार का नाम रौशन कर रहे हैं। इसलिए यह कहना कि बिहार में काबा तो सुन लीजिए, बिहार में राहुल बा। जो महज 22 साल में नया कीर्तिमान लिख चुके हैं। बताते चले कि आईआईटी रुड़की में आयोजित वार्षिक दीक्षांत समारोह के दौरान राहुल को अध्यक्ष डॉ. शंकल दयाल शर्मा की ओर से गोल्ड मेडल देकर सम्मानित किया गया। समाज की भलाई के लिए राहुल को राष्ट्रीय सेवा योजना आईआईटी रुड़की का महासचिव बनाया गया।

कौन है राहुल
राहुल मूल रूप से नालंदा जिले के सोसंदी गांव के हैं। राहुल के पिता मजदूर हैं। आर्थिक तंगी होने के बावजूद राहुल ने अपनी मेहनत से आईआईटी रुड़की में स्वर्ण पदक जीता है। जिसके बाद उन्हें अमेरिका जैसे देशों से स्कॉलरशिप देने की बात कर रहे हैं। जानकारी के मुताबिक राहुल ने आईआईटी रुड़की में दाखिला लिया, जहां अपनी मेहनत व लगन से मेटलर्जी एंड मटेरियल इंजीनियरिंग में स्नातक किया। राहुल ने अमेरिका में यूटा विश्वविद्यालय में पीएचडी करने के लिए स्कॉलरशिप प्राप्त की है।

जब पिता को जाना पड़ा सूरत
राहुल के पिता यूं तो किसान हैं, लेकिन उनके पास खेती करने के लिए जगह नहीं थी। 52 साल के सुनील सिंह परिवार का खर्चा चलाने के लिए सूरत चले गए। यहां पहुंचकर उन्होंने एक फैक्ट्री में काम किया।

 

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