Friday, May 14, 2021
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स्कूल में ऐसे बनें हीरो, 10 वीं पास धीरूभाई अंबानी ने मुस्लिम शासक को आंखें दिखाकर फहराया था राष्ट्रीय ध्वज

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Sanjay Kapoorhttps://citymailnews.com
Sanjay kapoor is a chief editor of citymail media group

मात्र दसवीं तक पास देश के सबसे बड़े धनकुबेरों में शामिल धीरू भाई अंबानी ने ना केवल उद्योग जगत में नाम कमाया, बल्कि वह अपने स्कूली दिनों में भी राष्ट्रीय ध्वज फहराकर हीरो बन गए थे। धीरूभाई और उनकी रिलायंस कंपनी आज किसी पहचान के मोहताज नहीं है। धीरूभाई अंबानी ने अपनी सूझबूझ और अदभुत कार्यशैली के दम पर रिलायंस इंडस्ट्रीज की नींव रखी थी और यह कंपनी ना केवल देश में बल्कि विदेशों में भी भारतीय झंडा फहरा रही है।

गुजरात के चोरवाड में हुआ था धीरूभाई का जन्म

आज इस स्टोरी में हम बात करेंगे धीरूभाई अंबानी के बाल्यकाल की, जब उन्होंने अपने साहस के दम पर राष्ट्रीय ध्वज फहराकर इतिहास रच दिया था। धीरूभाई का जन्म 1932 को गुजरात के जूनागढ़ के चोरवाड में हुआ था। उनका बचपन का नाम धीरजलाल हीराचंद अंबानी था। धीरूभाई ने आर्थिक हालात बेहतर नहीं थे, इसलिए दसवीं पास करने के बाद उन्होंने पढ़ाई छोड़ दी थी। पांचवी तक वह अपने गांव में ही पढ़े और इसके बाद दसवीं उन्होंने जूनागढ़ से पास की।

पढ़ाई की बजाए खेलों में अव्वल थे धीरूभाई

धीरूभाई को पढ़ाई करना अधिक पसंद नहीं था, मगर खेलों में वह हमेशा अव्वल रहते थे। यही वजह है कि जहां पढ़ाई में उन्हें टीचरों की डांट खानी पड़ती थी, वहीं खेलों में वह पूरे स्कूल में अपना नाम कमा चुके थे। यही नहीं बल्कि स्कूल में वह सभी बच्चों से मजाक भी किया करते थे, जिसके चलते वह सभी के चहेते बन गए थे। उनमें शुरू से ही लीडर बनने की क्षमता थी, यही वजह थी कि स्कूल में उन्हें छात्रसंघ चुनावों में महासचिव चुना गया था।

इस तरह से फहराया था राष्ट्रीय ध्वज

उस दौरान जूनागढ़ में एक मुस्लिम परिवार की रियासत थी और वहां उनका ही शासन चलता था। उस समय भारत आजादी के दौर में चल रहा था तथा इस मुस्लिम शासक पर अपनी रियासत का भारत में विलय करने का दबाव था। मगर यह शासक इसके लिए कतई तैयार नहीं था। 15 अगस्त 1947 को भारत अपना पहला स्वतंत्रता दिवस मना रहा था। लेकिन दूसरी ओर जूनागढ़ के नवाब ने अपनी रियासत में ना केवल इस पर प्रतिबंध लगा दिया था, बल्कि रैली के आयोजन पर रोक लगाते हुए लोगों को घरों में रहने के आदेश दिए थे। किसी को भी राष्ट्रीय ध्वज फहराने की अनुमति नहीं थी।

धीरूभाई ने धूमधाम से मनाया था स्वतंत्रता दिवस

पंरतु धीरूभाई अंबानी ने इस आदेशों को दरकिनार करते हुए स्कूल के मैदान में सभी बच्चों को इकठ्ठा किया और पूरी धूमधाम से भारतीय ध्वज फहराकर स्वतंत्रता दिवस का आयोजन मनाया। इस आयोजन में देशभक्ति के गीत गाए गए और मिठाई भी बांटी गई। स्वतंत्रता दिवस समारोह में धीरूभाई ने छोटा सा भाषण भी दिया, जोकि देशभक्ति और जज्बे से भरा हुआ था।

पुलिस की हिरासत में रहे धीरूभाई

रियासत के अधिकारियों को इसकी जानकारी हुई तो धीरूभाई अंबानी को पुलिस स्टेशन बुला लिया गया। वहां उनसे कई घंटों तक पूछताछ भी की गई, उन्हें धमकाया गया तथा मानसिक तौर पर प्रताडऩा दी गई, इसके बावजूद वह झुके नहीं। देर रात तक उन्हें पुलिस स्टेशन से रिहा गया। जब धीरूभाई अंबानी अपने स्कूल वापिस लौटे तो उनका जोरदार तरीके से स्वागत किया गया। ठीक किसी हीरो की भांति। इस तरह से धीरूभाई अंबानी ने बचपन से ही खुद को साबित करने का कोई मौका नहीं गंवाया। यही कारण रहा कि उन्होंने एक बड़े उद्योग घराने की सफलता पूर्वक स्थापना भी की।

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