Saturday, November 27, 2021
- Advertisement -

नहीं सुन पा रहे चिड़िया की आवाज तो कानपुर जू के इस सेंटर में आइए और सुनिए

Must Read

देश की पहली एमबीए पास सरपंच है छवि, अपनी मेहनत से बदल दी गांव की सूरत

नई दिल्ली : हमने किताबो, किस्से कहानियों में ऐसी चीजे जरूर पढ़ी होगी जिसमे युवा ने कॉरपोरेट नौकरी (corporate...

आपकी लाइफ बदल देगा मिट्टी का ये ए. सी. , बिना बिजली और बिना खर्च के देता है ठंडक

नई दिल्ली : जिस तरह से गर्मी बढ़ती जा रही जा रही है एयर कंडीशनर का प्रयोग भी बढ़ता...

अंग्रेजी हुकूमत को चारों खाने चित्त कर दिया था बोरोलीन ने, आज भी बाजार में है इस क्रीम का दबदबा

बोरोलीन बाज़ार में एक जानी मानी एंटीसेप्टिक क्रीम की ब्रांड है। आज इतने वर्षों बाद भी बोरोलीन का बाज़ार...

New Delhi: शहरों से चिड़िया का पलायन होने लगा है। दिल्ली-एनसीआर में तो प्रदूषण ही इतना ज्यादा रहता है कि चिड़िया आना भी चाहे तो वह ना आ पाए। जिसकी वजह से चिड़िया व उनकी कई प्रजातियां हमसे बेहद ही दूर जा चुकी हैं। हालांकि इसका मतलब यह नहीं कि वह हमारे पास नहीं आ सकती हैं। बस उसके लिए हमें अपने रहने का तरीका बदलना पड़ेगा। बहरहाल आज बात एक ऐसे जू की जिसने चिड़िया की आवाज सुनाने के लिए विशेष सेंटर बनाया है।

कानपुर जू में पर्यटक सुनेंगे चिड़िया की आवाज
कानपुर जू में एक अनुभूति सेंटर बनाया गया है। जहां पर चिडिय़ों की चहचाहट सुनने को मिलेगी। इसके लिए जू प्रशासन ने पूरे इंतजाम भी कर लिए हैं। बताया जा रहा है कि यहां पर एक बटन लगाया गया है, जिसे दबाने से पूरा कैंपस चिड़िया की चहचहाट से गूंजने लगेगा।

सिर्फ चिड़िया नहीं, दूसरे पक्षी की आवाज सुनाई देगी
प्राप्त जानकारी के अनुसार इस अनुभूति सेंटर में सिर्फ चिड़िया की आवाज ही नहीं बल्कि दूसरे पक्षियों की आवाज भी सुनने को मिलेगी। इसके साथ ही पर्यटकों को कानपुर जू के बारे में भी विस्तार से बताया जाएगा।

केंद्र में इन वन्यजीवों के बारे में बताया जाएगा
कानपुर जू के सहायक निदेशक अरविंद सिंह बताते हैं कि इस अनुभूति सेंटर में चिड़िया के अलावा गंगा किनारे रहने वाले पक्षी जैसे , कछुए, डाल्फिन और मछली के बारे में बताया जाएगा।

यहां से सुनाई देगी आवाज
सहायक निदेशक अरविंद बताते हैं कि इसके लिए सेंटर में एक बॉक्स बनाया गया है। जिसमें कई पक्षियों के नाम अंकित किए गए हैं। जो भी यहां पर जिस पक्षी के नाम पर लगे बटना को दबाएगा। उसे उस पक्षी की आवाज सुनने को मिलेगी। उदाहरण के तौर पर अगर तोते के सामने लगे बटन को दबाया जाता है तो उसमें तोते की आवाज सुनने को मिलेगी।

- Advertisement -

Latest News

देश की पहली एमबीए पास सरपंच है छवि, अपनी मेहनत से बदल दी गांव की सूरत

नई दिल्ली : हमने किताबो, किस्से कहानियों में ऐसी चीजे जरूर पढ़ी होगी जिसमे युवा ने कॉरपोरेट नौकरी (corporate...
- Advertisement -

और भी पढ़े

- Advertisement -