Saturday, November 27, 2021
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किसान आंदोलन में पहुंचे लोकल दुकानदार, बोले सामान बेचने आए हैं

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New Delhi: सिंधु बॉर्डर पर किसान धरने पर डटे हुए हैं। उनके प्रदर्शन का बुधवार को 28वां दिन था। वहीं रोजाना इनकी संख्या भी बढ़ती जा रही है। बताते चले कि किसान आंदोलन टिकरी बॉर्डर, गाजीपुर बॉर्डर सहित अन्य दिल्ली के बॉर्डर पर किया जा रहा है। किसानों ने एक बार फिर अपनी बात दोहराई है कि वह नए कृषि कानून को वापस कराने के बाद ही घर लौटेंगे। वहीं किसानों की लगातार बढ़ रही भीड़ से लोकल दुकनदारों के चेहरे पर मुस्कान लौट आई है।

सिंधु बॉर्डर पहुंचे दुकानदार
अकसर आपने देखा होगा कि जब कहीं धरना प्रदर्शन चलता है तो छोटे-छोटे दुकनदार अपनी दुकान धरना स्थल पर सजा लेते हैं। जंतर-मंतर पर आपने खूब देखा होगा। ऐसा ही नजारा अब सिंधु बॉर्डर पर देखने को मिल रहा है। यहां पर महिलाएं घरेलू सामान को बेचते हुए नजर आई।

क्या कहा छोटे दुकानदारों ने
बवाना से सिंधु बॉर्डर किसान आंदोलन में पहुंची गीता कहती हैं कि उन्हें किसी ने कहा कि मेला लगा है। इसलिए मैं यहां पर आई हूं। उन्होंने बताया कि वह घरेलू सामान को एक बोरे में लेकर आई, और यहां पर बेच रही हूं। वहीं दूसरी तरफ जवाहर कट जैकेट बेच रहे मुकेश ने बताया कि वह दिल्ली के रहने वाले हैं, और धरना प्रदर्शन में अपनी जैकेट बेचते हैं।

सरकार से नहीं मिला मिलने का न्योता
केंद्र सरकार की ओर से कहा जा रहा है कि वह जल्द ही किसान नेताओं से बात करेंगे। वहीं किसान नेताओं ने कहा कि केंद्र सरकार बातचीत किसान बिल को वापस लेनेके लिए नहीं करना चाहती। वह बिल में संसोधन करने के लिए बैठक करना चाहती है, जो हमें मंजूर नहीं है।

छोटे-छोटे बच्चे कर रहे समर्थन
नए कृषि कानून के खिलाफ सिर्फ पुरुष महिलाएं नहीं बल्कि छोटे-छोटे बच्चे भी अपना समर्थन दे रहे हैं। पंजाब से एक परिवार यहां पर पहुंचा है, जिसके साथ एक साल की बच्ची भी है।

 

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