Saturday, November 27, 2021
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संघर्ष के आगे हारी विकलांगता, आज IAS अफसर बन कर रही हैं देश की सेवा|

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क्या होगा, यदि हमारे हाथ-पैर या शरीर का कोई अंग काम न करें?, क्या होगा यदि हमारा शरीर सामान्य मनुष्य की तरह न हो? आप अवश्य सोचेंगे कि आज के लेख में यह किस तरह के प्रश्न हैं, परंतु आज लेख की प्रासंगिकता को समझाने के लिए यह प्रश्न करना जरूरी है| जब शरीर का कोई अंग या शरीर सामान्य रूप से काम नहीं करता तो उसे विकलांगता का नाम दिया जाता है| आज शायद विकलांग शब्द की जगह “दिव्यांग” शब्द का प्रयोग किया जाए तो ज्यादा उचित होगा| यूं तो आमतौर पर दिव्यांग व्यक्ति अपने जीवन को निरर्थक समझ कर अपने जीवन की गाड़ी को रोक देते हैं लेकिन आज कहानी एक ऐसी महिला की है जिन्होंने न सिर्फ विकलांगता को हराया अपितु उसे हराकर लाखों लोगों के लिए मसीहा भी बन गईं|

ira singhal

आज हम बात कर रहे हैं, आईएएस इरा सिंघल के बारें में| इरा अपने आप में ही एक मिसाल बन चुकी हैं| दिव्यांग हो कर भी आज इरा ias के पद पर कार्यरत हैं| सुनने में यह जरूर आम बात लगेगी लेकिन इरा के लिए यह सफर लोहे के चने चबाने जैसा था| आज भी दिव्यांगजन के साथ लोगों द्वारा भेद-भाव किया जाता है| लोगों द्वारा उनका मज़ाक बनाया जाता है| लेकिन इरा ने इन सभी कठिनाइयों पर विजय पाई और सभी के लिए एक मिसाल कायम की| इरा सिंघल उत्तरप्रदेश की रहने वाली हैं जो कुछ समय बाद दिल्ली आकर रहने लगी थी| इरा को न सिर्फ निजी क्षेत्र में अपितु सरकारी क्षेत्र में भी भेदभाव का सामना करना पड़ा था|

ira singhal

बनना चाहती थी डॉ, लोगों ने मारे ताने

इरा सिंघल बचपन से ही दिव्यांगता का शिकार हैं| लेकिन इरा ने अपनी विकलांगता को कभी भी अपने भविष्य या मनोबल पर हावी नहीं होने दिया| बचपन से वह डॉ बनना चाहती थी लेकिन उनके पिता ने उन्हें कहा कि” तुम खुद मरीज लगती हो तुमसे कौन इलाज करवाएगा”| जिससे उनका डॉ बनने का सपना बचपन में ही टूट गया| लेकिन किस्मत ने इरा के लिए कुछ अच्छा सोच रखा था| इसी कारण उन्होंने सिविल सेवा में जाने का ठाना| लोगों ने इस बार भी इरा को ताने देने का मौका नहीं छोड़ा| लेकिन इस बार उनके इरादे बुलंद थे|

ira singhal

तीन बार मिली IRS की नौकरी, परंतु नहीं हुई पोस्टिंग| चौथी बार में बनी upsc टॉपर

जब इरा ने पहली बार यूपीएससी की परीक्षा दी तो वह परीक्षा में पास हो गई और उनको आईआरएस का पद दिया गया| लेकिन सरकार की तरफ से उन्हें किसी भी तरह का नौकरी के लिए कोई संदेश नहीं आया| जब उन्होंने कारण जानना चाहा तो उन्हें पता चला कि उनके दिव्यांग होने के कारण उन्हें पोस्टिंग नहीं दी गई है| उसके बाद इरा ने अपने हक के लिए केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण का दरवाजा खटखटाया और केस को जीता| इसी के बीच इरा दो बार और upsc की परीक्षा दे चुकी थीं जिसमें उन्हें IRS का पद मिला| चौथी बार जब इरा ने परीक्षा दी तो उनको ias का पद मिला साथ ही वह upsc टॉपर भी बनी|

ira singhal

IAS से पहले करती थीं कैडबरी और कोका-कोला जैसी बड़ी कंपनी में काम|

सिविल सेवा से पहले इरा कैडबरी और कोका-कोला जैसी कंपनी में काम कर चुकी हैं| जिसमें उनको मनचाहा वेतन दिया जाता था| लेकिन इरा की देश के लिए कुछ करने की सोच ने उन्हें ias की तरफ आकर्षित किया| आज इरा महिला एवं बाल विकास मंत्रालय में ज्वाइंट डायरेक्टर के पद पर नियुक्त हैं|

ira singhal

Citymailnews इरा सिंघल के जज़्बे और हिम्मत को सलाम करता है|

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