Wednesday, May 19, 2021
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शारीरिक कष्ट से जूझती पत्नी को देख, पति जरूरतमंद लोगों को पहुंचाने लगा अस्पताल, 10 साल में 500 लोगों की बचाई जान

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New Delhi: अकसर आपने फिल्मों में देखा होगा कि जब किसी मरीज के परिजन से डॉक्टर कहते हैं कि काश आप इन्हें थोड़ा जल्दी ले आते तो शायद इनकी जान बच जाती। कुछ ऐसा ही हुआ था गुजरात के वडोदरा शहर में रहने वाले अतुल भाई की पत्नी के साथ। आज से ठीक 10 साल पहले अतुल भाई की पत्नी की तबियत अचानक खराब हुई। अतुल भाई बीवी को लेकर जैसे ही घर से बाहर निकले , तो देखा कि ऑटो का टायर तो पंचर है। उन्होंने आस-पास बहुत देखा कि कोई गाड़ी मिल जाए,घंटो तलाशने के बाद एक ऑटो वाला मिला। जिसके बाद वह अपनी बीवी को अस्पताल ले जा सके। लेकिन अस्पताल पहुंचने में देरी होने की वजह से आज उनकी पत्नी का हार्ट 35 फीसदी ही काम करता है। अतुल भाई कहते हैं कि अगर समय पर गाड़ी मिल जाती तो उनकी पत्नी का हार्ट 50 फीसदी काम करता। अतुल कहते हैं कि उस दिन देरी की वजह से मेरी पत्नी को आज भी शारीरिक दुख झेलने पड़ते हैं।

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पत्नी को कष्ट में देखा तो ख्याल आया करूंगा लोगों की मदद
अतुल भाई बताते हैं कि 10 साल पहले जब उनकी पत्नी को सही समय पर अस्पताल नहीं पहुंचने के दौरान हार्ट की समस्या हुई, तब मेरे मन में एक ख्याल आया कि मेरी पत्नी की तरह कितने ही लोग होंगे जो सही समय पर अस्तपाल नहीं पहुंच पाते हैं। इसलिए मैंने तय किया कि जरूरतमंद लोगों को फ्री में अस्पताल पहुंचाऊंगा।

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10 साल में 500 जान बचाई
अतुल के बारे में उनके आस-पास के लोग बताते हैं कि अतुल ने बीते एक दशक में न जानी कितनी ही लोगों की जिंदगी बचाई है। एक शख्स जिनका नाम दामोदर हैं, वह बताते हैं कि उनकी एक दिन अचानक तबियत खराब हुई। मेरी पत्नी ने तुरंत अतुल भाई को फोन किया। अतुल भाई की मदद से मुझे सही समय पर अस्पताल पहुंचा दिया गया। जिसकी वजह से मेरी जान बची। डॉक्टर ने कह दिया था कि अगर पांच मिनट भी लेट होता तो शायद मेरा बचना मुश्किल हो जाता। दामोदर कहते हैं कि एक दशक में अतुल भाई ने 500 से ज्यादा जिंदगी को बचाया है।

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इतने घंटे देते हैं फ्री सेवा
अतुल भाई वडोदरा के अक्षर चौक पर ऑटो एंबुलेंस चलाते हैं। यहां पर वह रात के 11 बजे से लेकर सुबह पांच बजे तक फ्री में जरूरतमंद लोगों की मदद करते हैं। इस दौरान अगर उन्हें कोई फोन करता हैं और अस्पताल जाने के लिए मदद मांगता है तो अतुल भाई बिना देरी के जरूरतमंद को अपने ऑटो में बिठाकर अस्पताल पहुंचाते हैं। अतुल कहते हैं कि लोगों को भी अगर किसी की मदद करने का मौका मिले तो उन्हें मदद करनी चाहिए। क्योंकि किसी की मदद कर दिल को बहुत अच्छा लगता है।

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