Saturday, November 27, 2021
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जब नौकरी नहीं मिली. तो सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने शुरू किया घर-घर सब्जी बेचने का धंधा. गाड़ी को बना दिया सब्जी ठेला

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भारत में बेरोजगारी की दर कोरोना वायरस के बाद तेजी से बढ़ गई है. देश में नौकरी नहीं है. पढ़े-लिखे युवा नौकरी के लिए दर-दर भटक रहे हैं. कोरोना से पहले जिनके पास नौकरी थी उनकी भी छिन गई है, ऐसे में लोगों का मनोबल भी गिर रहा है. परिवार का पेट पालने लोगों के लिए मुश्किल हो रहा है. ऐसे दौर में भी कुछ युवा टेक्नोलाॅजी का प्रयोग करते हुए अपने लिए और दूसरों के लिए रोजगार तैयार कर रहे हैं.

Dainik Bhaskar

जम्मू में रहने वाले अताउल्लाह ने इसी साल सॉफ्टवेयर इंजीनियर की पढ़ाई पूरी की है. 26 वर्षीय अताउल्लाह ने अपनी पढ़ाई चंडीगढ़ से पूरी की है. अताउल्लाह जब पढ़ाई करके अपने गृह राज्य लौटे तो वहां नौकरी ढूंढ़नी शुरू कर दी लेकिन जब कहीं नौकरी नहीं मिली तो उन्होंने उदास होने के बजाय हिम्मत करके अपना बिजनेस शुरू कर दिया. कोरोना के समय वह दूसरे राज्य में नौकरी के लिए भी नहीं जा सकता था. जम्मू शहर के बठिंडी इलाके से आने वाला अताउल्लाह ने कहा कि जब अनलाॅक हुआ तो सबसे पहले मैंने एक आॅटो फाइनेंस करवाया और उसे ‘शॉप ऑन व्हील’ नाम दिया. इस गाड़ी पर हमने फल और सब्जियां बेचना शुरू कर दिया. कोरोना वायरस के समय सभी लोग साफ-सफाई को लेकर सचेत हो गए हैं. ऐसे में हमने सोचा कि क्यों ना साफ-सुथरी और अच्छी क्वालिटी की सब्जियां लोगों के घर तक पहुंचाया जाए. इसके लिए मैंने दोस्तों के साथ मिलकर एक वेबसाइट भी तैयार कर ली. व्हाट्सऐप के जरिए भी हम लोगों के सब्जियों के आॅर्डर लेते हैं.

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जम्मू के नरवाल मंडी से सब्जी खरीदकर हम लोगों के घर में सप्लाई करते हैं. लोगों को भी हमारा काम पसंद आ रहा है. हमें अभी 100 से ज्यादा घरों से आॅर्डर मिलने लगा है. हम क्वाॅलिटी को लेकर बेहद सजग रहते हैं. हमारी कोशिश रहती है कि लोगों तक फ्रेश चीजें पहुंचाए.

अताउल्लाह ने कहा कि इस बिजनेस को शुरू करने के लिए मैंने 2 लाख रुपये लोडिंग गाड़ी के लिए खर्च किए थे. अभी हम प्राॅफिट पर ज्यादा ध्यान नहीं दे रहे हैं. अभी हम अपने लिए लाॅयल ग्राहक तैयार कर रहे हैं. आगे हमारी योजना आर्गेनिक सब्जियां बेचने की भी है. मैंने अपना ये बिजनेस सितम्बर में चार दोस्तों के साथ मिलकर शुरू किया था.

source dainik bhaskar

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