Friday, November 26, 2021
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कंप्यूटर ऑपरेटर की नौकरी छोड़, लड़की चलाने लगी टी स्टॉल, लोग प्यार से कहते हैं द चायवाली

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New Delhi: किसी को चाय पीना पसंद है तो किसी को चाय पिलाना। ऐसे में कई बार अच्छी चाय बनाने वाले लोग इसे अपने पेशा भी बना लेते हैं। जी हां आपने ठीक सुना। आज बात ऐसी एक लडक़ी की जिन्हें चाय बनाना बेहद पसंद था। इसलिए उन्होंने अपनी टी स्टॉल की दुकान खोल ली। और महीने के हजारों रुपये कमा रही हैं। लोग इन्हें प्यार से द चायवाली के नाम से बुलाते हैं। खुद की प्रंशसा सुन इस चाय वाली लडक़ी को भी अच्छा लग रहा है। चाय बेचने वाली लडक़ी का नाम रुकसाना है और यह गुजरात के राजकोट में चाय का स्टल लगाती है। हालांकि एक वक्त ऐसा भी था रुखसाना एक रजिस्ट्रार ऑफिस में कंप्यूटर ऑपरेटर के पद पर काम करती थी।लेकिन रुखसाना ने दो साल पहले यह नौकरी छोड़ दी
12वीं तक पढ़ी है रुखसाना

dainik bhaskar

रुखसाना बताती हैं कि वह 12वीं तक पढ़ी हैं। और एक रजिस्ट्रार ऑफिस में काम करती थी। लेकिन सैलरी बहुत कम थी। महीने के सिर्फ 4 हजार रुपये से घर का खर्चा नहीं चल पाता था। इसलिए वह नौकरी छोड़ दी। घर का खर्चा चलाने के लिए मैंने टी स्टॉल लगाई। शुरु में दिक्कत तो हुई, लेकिन अब लोग मेरी चाय पीने के लिए आते हैं।

पैसे की तंगी की वजह से नहीं खोल पाई रेस्टोरेंट


रुखसाना कहती हैं कि वह बचपन में बहुत अच्छा चाय बना लेती थी। परिवार के सदस्यों को रुखसाना की बनाई चाय पसंद आती थी। इसलिए नौकरी छोड़ऩे के बाद मुझे ख्याल आया कि एक चाय की दुकान खोली जाए। हालांकि रेस्टोरेंट खोलना चाहती थी, लेकिन पैसे की कमी के कारण नहीं खोल पाई।

चाय की दुकान खोलने पर परिवार हुआ नाराज
रुखसाना बताती हैं कि जब उन्होंने परिवार के लोगों को बताया कि वह चाय की दुकान खोलना चाहती है तो परिवार के लोग नाराज हुए। परिवार के लोग कहने लगे की लडक़ी होकर सडक़ पर चाय बेचते हुए खराब लगेगा। परिवार की नाराकागी के बीच रुखसाना ने चाय की दुकान खोली, जब दुकान चलने लगी तो परिवार के लोग भी सपोर्ट करने लगे।

दो साल में इतने आए ग्राहक
रुखसाना बताती हैं कि उन्होंने चाय की स्टॉल साल 2018 में लगाई। दुकान के शुरुआत में वह महज आधा लीटर दूध में चाय बनाती थी। लेकिन जब ग्राह बढ़ते ग तो उन्होंने रोजाना 10 लीटर दूध की चाय बनाने लगी।

तंदूरी चाय है स्पेशल
रुखसाना बताती हैं कि उनके चाय के स्टॉल पर स्पेशल तंदूरी चाय भी है। जिसमें कुछ मसाले डाल कर तैयार किया जाता है। जिसकी सुगंध भी काफी अच्छी होती है। इस चाय का ऑर्डर भी मिलता है, लोग इस चाय को पीने के लिए दूर-दराज इलाकों से भी आते हैं। उन्होंने बताया कि जब ग्राहक मेरी चाय पीकर मुझे प्रोत्साहित करते हैं तो मुझे काफी अच्छा लगता है। रुखसाना बताती हैं कि वह रोजाना सुबह 5.30 बजे दुकान खोलती हैं और रात 9 बजे बंद कर देती हैं। पूरे दिन में 1 से 2 हजार रुपये की कमाई भी हो जाती है।

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