Saturday, May 15, 2021
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बच्चों को जन्म देकर चली गई मादा भालू, गांव वालों ने दोंनों को पिलाया दूध, डाक्टर ने दी ये बड़ी सलाह

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Sanjay Kapoorhttps://citymailnews.com
Sanjay kapoor is a chief editor of citymail media group

जानवर और इंसान के बीच कई बार आपसी दुश्मनी भी देखी जाती है तो कहीं पर उनके बीच प्यार की कई मिसालें भी सामने आती हैं। इंसान द्वारा जानवर व उनके बच्चों को अपने प्यार व दुलार देने के अनेक उदाहरण अब तक सामने आते रहे हैं। ऐसा ही एक प्यारा मामला सामने आया है छत्तीसगढ़ के एक छोटे से गांव से। इस गांव में एक मादा भालू अपने दो बच्चों को जन्म देकर चली गई। उसके जाने के बाद गांव वालों ने भालू के दोनों बच्चों का ना केवल पूरा ध्यान रखा, बल्कि उन्हें प्यार से दूध भी पिलाया।

छत्तीसगढ़ के गांव खारसूरा का है ये मामला

यह मामला है छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर जिले के गांव खारसुरा का। इस गांव के पास ही एक मादा भालू ने अपने दो शावकों को जन्म दिया और चली गई। वह देर शाम तक वहां वापिस लौटी। इस बीच गांव वालों ने दोनों बच्चों का पूरा ध्यान रखते हुए उन्हें दूध पिलाया तथा मादा भालू के लिए भी खाने की चीजें वहां रख दी, ताकि वह भूखी ना रहे।

खेतों को सुरक्षित मानकर दिया बच्चों को जन्म

मीडिया रिपोर्टस के अनुसार इस मादा भालू ने गांव के पास ही खेतों में अपने दो बच्चों को जन्म दिया। गांव वालों को जब इसका पता चला तो उन्होंने वन विभाग को इसकी जानकारी दी। वन विभाग ने डाक्टर और वाईल्ड लाईफ विशेषज्ञों से इसके बारे में पूरी बात की। इन लोगों ने बताया कि मादा भालू को यह गांव और आसपास का इलाका अपने बच्चों को जन्म देने के लिए सुरक्षित लगा।

सुबह चली जाती है और शाम को लौटती है भालू

मादा भालू बच्चों को जन्म देने के बाद से सुबह चली जाती है और देर शाम वापिस उनके पास लौटती है। शाम को भालू तय समय पर अपने बच्चों के पास वापिस लौटती है। इससे गांव वाले बेहद हैरान हैं। वाईल्ड लाईफ एक्सपर्ट प्रभात का कहना है कि जहां तक उनका अनुभव है, उसके आधार पर वह बता सकते हैं भालू को यह स्थान पूरी तरह से सुरक्षित लगा होगा। यदि ऐसा ना होता तो वह इस जगह को ना चुनती। उनके अनुसार जैसे ही ये बच्चे कुछ बड़े हो जाएंगे तो भालू उन्हें अपने साथ जंगल में ले जाएगी।

डाक्टर ने चैकअप के बाद दी ये सलाह

इस बीच वन विभाग व डाक्टरों की टीम ने दोनों बच्चों की जांच की तो वह पूरी तरह से ठीक पाया। डाक्टर सी.के. मिश्रा ने कहा कि दोनों बच्चों को दिन में दो बार दूध पिलाना होगा। उन्होंने लोगों से भी कहा कि वह शावकों के पास भीड़ लगाकर ना रहें, इससे वह डर जाएंगे और उनकी सेहत पर इसका खराब असर पड़ सकता है। डाक्टर की सलाह पर वन विभाग के अधिकारियों ने एक आदमी की डयूटी वहां लगा दी, जोकि बच्चों को दोनों टाईम दूध पिलाएगा। वन विभाग द्वारा मादा भालू के लिए भी खाने की व्यवस्था कर दी है, ताकि शाम को आने के बाद वह भोजन कर सके। इस तरह से इस खबर में साफ दिखाई दिया कि किस प्रकार से ग्रामीणों ने मानवता दिखाते हुए एक जानवर और उनके बच्चों की अच्छे से देखभाल की।

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