Thursday, April 22, 2021
- Advertisement -

मिर्जा गालिब की इन लाईनों ने ICU  में भर्ती इस युवक की  बदल दी तकदीर, अस्पताल से वह बन गए IAS अफसर

Must Read

वैलंटाईन डे मनाने का अनोखा तरीका,मालगाड़ी के नीचे पहुंच गया प्रेमी जोड़ा, फोटो देखकर आएगा मजा

वैलंटाईन डे को प्यार के दिन के तौर पर मनाया जाता है। इस दिन दुनिया भर में प्रेमी जोड़े...

अलग ही मिट्टी के बने तुषार, 17 साल तक असफलताओं से लड़े, अब बने जज

लोग दो या तीन साल की मेहनत के बाद सफल नहीं होते है तो वह टूट जाते है। लोग...

शहर घूमने सडक़ों पर निकला कोबरा तो रूक गया ट्रैफिक, घटना का वीडियो वायरल

वन्य जीवों के शहर में घूसने के मामले आए दिन सामने आते रहते हैं। कभी तेंदुआ तो कभी कोई...
Sanjay Kapoorhttps://citymailnews.com
Sanjay kapoor is a chief editor of citymail media group

मिर्जा गालिब ने क हा था कि हाथ की लकीरों पर मत जा ए गालिब, नसीब उनके भी होते हैं , जिनके हाथ नहीं होते। इन चंद लाईनों ने एक युवक की तकदीर बदल दी। तमाम कोशिश व संघर्ष के बाद भी जब इस युवक को कोई रास्ता नहीं सूझा तो उसने ज्योतिषी के पास जाकर अपनी तकदीर की दशा और दिशा जाननी चाही। तब ज्योतिषी ने उसका हाथ देखकर बताया कि उससे सफलता अभी कोसों दूर है। मगर उसने ज्योतिषी की बात पर यकीन करने की बजाए मिर्जा गालिब की पंक्तियों पर भरोसा किया और रात दिन की मेहनत के बाद आईएएस अफसर बनकर दिखाया। जी हां यहां बात कर रहे हैं महाराष्ट्र के नासिक जिले के रहने वाले नवजीवन पंवार की। नवजीवन के पिता एक किसान हैं तो माता  एक प्राईमरी स्कूल में टीचर।

सिविल इंजीनियर के बाद की आईएएस की तैयारी

नवजीवन ने सिविल इंजीनियरिंग की थी। 27 मई 2017 को कॉलेज की पढ़ाई खत्म करने के बाद नवजीवन अपने दोस्तों के साथ दिल्ली चले गए। वहां उन्होंने यूपीएससी की तैयारी शुरू कर दी। नवजीवन ने पूरी मेहनत व दिन रात की लगन से यूपीएससी की तैयारी की। वर्ष 2018 में नवजीवन ने अपनी मेहनत व निष्ठा के बूते यूपीएससी की प्रारंभिक परीक्षा को पहले ही प्रयास में पास कर लिया।

मुख्य परीक्षा से पहले डेंगू का शिकार हुए नवजीवन

कहते हैं कि भगवान ने हमारी तकदीर में वो सब पहले से लिख दिया है, जोकि एक दिन होना है। नवजीवन के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। नवजीवन यूपीएससी की तैयारी में जुटे थे कि परीक्षा से ठीक 28 दिन पहले वह डेंगू की चपेट में आ गए। उनके दोस्तों ने नवजीवन को दिल्ली के एक निजी अस्पताल में भर्ती करवा दिया। मगर वहां उनकी तबियत  में सुधार नहीं हुआ। तब नवजीवन अपने माता पिता के पास महाराष्ट्र चले गए। वहां परिवार वालों ने नवजीवन को गंगापुर नासिक के कासलीवाल अस्पताल में एडमिट करवा दिया। वहां हर दिन उनकी तबियत खराब होती चली गई, तब डाक्टरों ने उन्हें आईसीयू में एडमिट कर लिया। जबकि दूसरी ओर नवजीवन के पास अपनी यूपीएससी की मुख्य परीक्षा के लिए 28 दिन ही बचे थे।

नवजीवन के पास था एक रास्ता, या तो रोना है या फिर लडऩा है

आईसीयू में भर्ती होने के बाद नवजीवन के पास दो रास्ते बचे थे या तो रोना है या फिर लडऩा है। मगर नवजीवन ने लडऩे का फैसला किया और आईसीयू में अपनी बहन व भांजी की मदद से मुख्य परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी। हालांकि डाक्टरों ने उनसे कहा भी कि पढ़ाई तो जिदंगी में दोबारा भी की जा सकती है, मगर जान चली गई तो वह फिर नहीं मिलेगी। मगर नवजीवन ने डाक्टरों की बातों को सुनने के बाद भी अपनी तैयारी जारी रखी। एक हाथ में दवा की बोतल और दूसरे हाथ में पेन। इस तरह से नवजीवन ने अस्पताल में रहते हुए अपने ईलाज के साथ साथ अपनी तैयारी भी पूरी की और  दिल्ली आ गए। दोस्तों ने मुख्य परीक्षा के लिए उनका लगातार मनोबल बढ़ाया।

डेंगू व डायरिया हुआ और कुते ने भी काट लिया

नवजीवन का कहना है कि मुख्य परीक्षा पास करने से पहले उन्हें ना केवल डेंगू हो गया, बल्कि डायरिया के शिकार भी हो गए थे। इसके साथ साथ उन्हें कुत्ते ने भी काट लिया था। इसके बावजूद मैंने हार नहीं मानी और अपनी तैयारी को जारी रखा। इस बीच नवजीवन ने एक ज्योतिषी को भी अपना हाथ दिखाया। तब उनके हाथ की लकीरों को देखकर ज्योतिषी ने उनसे कहा कि वह 27 साल की उम्र तक आईएएस नहीं बन पाओगे। तब इस घोर निराशा के बीच उन्हें गालिब की वो लाईनें याद आई, जिनमें कहा गया था कि तकदीर पर भरोसा ना कर अपने हाथ की लकीरों को आजमा। इसके बाद 23 फरवरी को जब यूपीएससी का परिणाम आया तो नवजीवन आईएएस अफसर बन गए थे। यूपीएससी 2018 के परीक्षा परिणाम में नवजीवन को 360 वीं रैंक हासिल हुई थी।

सिटीमेल न्यूज आईएएस अधिकारी नवजीवन के हौंसले व जज्बे को सलाम करता है। ये वरिष्ठ अधिकारी आज देश के लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुके हैं।

- Advertisement -

Latest News

वैलंटाईन डे मनाने का अनोखा तरीका,मालगाड़ी के नीचे पहुंच गया प्रेमी जोड़ा, फोटो देखकर आएगा मजा

वैलंटाईन डे को प्यार के दिन के तौर पर मनाया जाता है। इस दिन दुनिया भर में प्रेमी जोड़े...
- Advertisement -

और भी पढ़े

- Advertisement -