Saturday, November 27, 2021
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9 साल से खाना बांट रहा है ये इंजीनियर, 2000 लोगों को डेली खिलाता है खाना

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शादी—पार्टी के मौके पर अकसर हम बचा हुआ खाना फेंक देते हैं. हमारे देश में आज भी कई ऐसे लोग हैं, जिन्हें एक वक्त का खाना भी नहीं मिलता है. सड़क पर रहकर भीख मांगने वाले बच्चे भूखे पेट सोने के लिए मजबूर हैं लेकिन अमीरों की पार्टी में बचा हुआ खाना डस्टबिन में फेंक दिया जाता है. हैदराबाद में रहने वाले मल्लेश्वर राव पिछले 9 सालों से खाने को बर्बाद होने से बचा रह हैं.

इंजीनियरिंग छात्र मल्लेश्वर राव ने ‘Don’t Waste Food’ नाम से एक पहल चलाई है. इस पहल के तहत होटल और शादी—पार्टी में बचने वाले खाने को इकट्ठा किया जाता है और फिर उसे जरुरतमंद लोगों तक पहुंचाया जाता है. 2011 में बी.टेक करने वाले मल्लेश्वर राव को इस नेक काम में कई लोगों का सहयोग मिल रहा है. पिछले 9 साल से मल्लेशवर भूखे लोगों को खाना खिला रहे हैं. लोगों का पेट भरने के​ लिए मल्लेशवर होटल और रेस्तरां से भी मदद ले रहे हैं. मल्लेशवर सरकारी अस्पताल में मरीज के साथ आने वाले सहयोगी को भी खाना खिलाते हैं.

राव ने बताया कि बचपन में मुझे भी कई बार भूखे पेट सोना पड़ता था इसलिए मैं भूखे रहने की तड़प को जान सकता हूं. हैदराबाद में एक इवेंट कंपनी में पार्ट टाइम नौकरी करने के दौरान मैंने देखा कि यहां कितना खाना बर्बाद कर दिया जाता है. वहीं से मेरे दिमाग में आइडिया आया कि क्यों ना इसे खाने को गरीबों तक पहुंचाया जाए. यही से शुरू हुआ मेरा यह काम.

राव का कहना है कि शुरुआती दौर में लोग मेरे इस काम को लेकर मेरी आलोचना करते थे लेकिन बाद में लोगों को मेरा काम अच्छा लगने लगा. हम भारतीय खाना बहुत ज्यादा बर्बाद करते हैं. खाने को फेंकने से अच्छा है कि जरूरतमंदों तक पहुंचाया जाए. हमारा नेटवर्क अभी हर राज्य में नहीं लेकिन कई जगह एनजीओ खाना जमा करने का काम करती है.

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