Saturday, November 27, 2021
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ये आधुनिक किसान बहुराष्ट्रीय कंपनी की नौकरी छोडक़र मात्र 200 गज में उगा रहा सुपर मशरूम, अब लाखों में हो रही कमाई

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Sanjay Kapoorhttps://citymailnews.com
Sanjay kapoor is a chief editor of citymail media group

यह युवक एक अंतर्राष्ट्रीय कंपनी में नौकरी कर रहा था। वहां उसकी मुलाकात एक युवती से हुई, जोकि उसकी जीवन संगनि बन गई। लेकिन पत्नी बीमार हुई और फिर उसे मिला सुपर मशरूम उगाने का आईडिया। जी हां हम बात कर रहे हैं हरियाणा के गुरूग्राम में रहने वाले अंशुमान कालरा की। जिन्होंने अपनी पत्नी की बीमारी के बाद इस रामबाण सुपर मशरूम को उगाने का व्यवसाय शुरू कर दिया। इसके लिए अंशुमान ने अंतर्राष्ट्रीय कंपनी से अपनी नौकरी छोड़ दी और पत्नी के साथ मशरूम की खेती करने व उसे बेचने के लिए एक कंपनी की नींव डाल ली।

महज 200 गज में उगा रहे हैं मशरूम

अंशुमान कालरा महज 200 गज जमीन पर यह स्पेशल मशरूम उगा रहे हैं। इस खास किस्म की मशरूम को महिलाओं की अनेक प्रकार की बीमारियों को दूर करने में प्रयोग किया जाता है। इस मशरूम को बेचने के लिए अंशुमान ने अपनी पत्नी तनुश्री गुप्ता के साथ एक कंपनी भी बना ली है। मूलरूप से राजस्थान के भिवाड़ी के रहने वाले अंशुमान ने एमबीए की शिक्षा ग्रहण करने के बाद तीन अलग अलग अंतर्राष्ट्रीय स्तर की कंपनियों में जॉब की। इस दौरान उनकी मुलाकात तनुश्री से हुई और दोनों ने विवाह कर साथ में परिवार बसा लिया। अंशुमान का परिवार पुराने समय के वैद्य-हकीम हैं।

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गुरूग्राम के सैक्टर 51 मेें रहते हैं अंशुमान

अंशुमान नौकरी की वजह से गुरूग्राम के सैक्टर 51 में आकर रहने लगे। इस दौरान उनकी पत्नी तनुश्री की तबियत खराब हो गई। तब उनके परिवार ने अंशुमान को एक खास प्रकार की मशरूम के बारे में जानकारी दी। इस मशरूम के सेवन से तनुश्री की तबियत ठीक हो गई। इसके बाद ही अंशुमान को इस स्पेशल मशरूम की खेती करने का आईडिया आया और उसने नौकरी छोडक़र मशरूम की खेती में हाथ आजमाना शुरू कर दिया। इसके लिए उन्होंने सबसे पहले 200 गज जमीन ली और फिर पूरी तैयारी के साथ मशरूम उगाने का काम शुरू कर दिया।  मशरूम की क्वालिटी को मैनेज करने के लिए अंशुमान ने बकायदा तीन लैब भी स्थापित की हैं।

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महिलाओं के स्वास्थ्य हेतु रामबाण है ये मशरूम

अंशुमान व उनकी पत्नी तनुश्री का कहना है कि इस विशेष प्रकार की मशरूम की खेती करने का उनका असल मकसद मुनाफा कमाना नहीं है। इस मशरूम का लाभ महिलाओं को उनकी बीमारी में अधिक मिलता है। उनके अनुसार यह मशरूम और आयुर्वेद की कुछ बूटियां इतनी फायदेमंद हैं कि बच्चियों व महिलाओं को इससे खासा लाभ मिलता है। महिलाओं को थकावट, त्वचा रोग, वजन में बढोतरी, असंतुलित प्रतिरोध, बालों का झडऩा, हारमोंस असंतुलन और मासिक धर्म में होने वाली परेशानी में यह मशरूम रामबाण साबित होती है। इन दोनों का कहना है कि जल्द ही वह इस मशरूम की खेती का दायरा बढ़ाने की दिशा में काम कर रहे हैं। इसके लिए उन्होंने अपनी कंपनी हेतु आईएसओ 9001 और आईएसओ 2000 के साथ साथ एचएसीसीपी तथा जीएमपी प्रमाण पत्र भी ले लिया है।

स्पेशल मशरूम को बाजार उपलब्ध करवाना है उद्देश्य

कालरा दपंति के अनुसार यह मशरूम महिलाओं के अनेक रोगों में बेहद लाभकारी साबित हो रही है। इस दपंत्ति का कहना है कि अब उनका उद्देश्य फार्मिंग कांटे्रक्ट के आधार पर इस मशरूम को खरीदने के लिए मार्के ट भी उपलब्ध करवाने की तैयारी में हैं। इसके अलावा प्रणव मुखर्जी फाँऊडेशन के साथ मिलकर गांवों में महिलाओं को अपने घर में ही मशरूम की खेती करने के लिए प्रोत्साहित करने का काम करेंगे। ताकि इससे महिलाओं के स्वास्थ्य सुधार की दिशा में उल्लेखनीय कार्य किया जा सके।

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