Saturday, November 27, 2021
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शौक था महंगी कारों का, जेब में नहीं थे पैसे तो खुद बना दी कार, लोग बोले कौन सा मॉर्डल है

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New Delhi: फिल्म टार्जन द वंडर कार तो आपने देखी ही होगी। जिसमें फिल्म का हिरो अपनी इच्छा के हिसाब से एक सुपर मॉर्डल कार बनाता है। पूरी फिल्म इसी कार पर केंद्रित होती है। आज बात ऐसी ही एक कार की, जिसे किसी इंजीनियर ने नहीं बनाया है। लेकिन देखने पर आपको यह किसी बड़ी कंपनी के द्वारा बनाई गई कार लगेगी। दरअसल, एक युवक ने एक पीली रंग की कार बनाई है। इस कार की खास बात यह है कि लोग इस कार की तुलना वोक्सवैगन बीटल से कर रहे हैं। इस कार को बनाने वाले शख्स का नाम है राकेशबाबू।

पिता के साथ जाते थे मैकेनिक वर्कशॉप में
29 साल के राकेशबाबू केरल के चेरथला, अलाप्पुझा जिले के रहने वाले हैं। वह बचपन के दिनों में अकसर अपने पिता के साथ मैकेनिक वर्कशॉप में जाया करते थे। वहां राकेशबाबू ने कई कारों के बारे में जानकारी ली थी। इसके बाद ही उन्होंने बाइक व जीप बनाई थी। उन्होंने साल 2009 में इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग में डिप्लोमा भी लिया है।

महज 40 हजार रुपये से तैयार हुई यह पीली कार
राकेशबाबू को महंगी कार का शौक है, लेकिन पैसे की तंगी के कारण वह अपने शौक पूरे नहीं कर पा रहे थे। जिसकी वजह से उन्होंने फैसला किया कि वह खुद से अपने लिए एक कार बनाएंगे। मजे की बात यह है कि उन्होंने 40 हजार रुपये में कार बनाई है। जिसमें छह महीने का वक्त लगा है।

कार में लगाए गए यहां के पार्ट्स
राकेश बाबू बताते हैं कि उन्होंने अपनी पीली कार को बड़ी मेहनत से बनाया है। उन्होंने पीली रंग की इस कार के इंजन में एक निजी कंपनी का इंजन लगाया है। वहीं ऑटो रिक्शा से टायर,बाइक क्रैश से गार्ड और डोर हैंडल शीशे लिए गए हैं।

कार की खासियत भी है
राकेशबाबू बताते हैं कि उनकी कार 40 किमी की रफ्तार से प्रति घंटा चलती है, और 30किमी लीटर का एवरेज भी देती है। साथ ही पेट्रोल की टंकी 4 किमी की है। राकेश फिलहाल बतौर मैकेनिक एक कंपनी में काम करते हैं। हालांकि अभी इस कार को रोड़ पर नहीं चला सकते हैं।

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