Sunday, May 9, 2021
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हैदराबाद गया था इंजीनियर बनने, फिर आया बदलाव और रोजाना 2000 लोगों को खिलाने लग खाना

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New Delhi: अकसर शादियों व बड़ी-बड़ी पार्टियों में खाने की बर्बादी होती है,पर फिर भी हम इस ओर ध्यान नहीं देते हैं, लेकिन जरा सोच कर देखिए, क्या खाने की बर्बादी करना ठीक है। सवाल यह है कि अगर हम किसी भूखे का पेट नहीं भर सकते हैं तो हमे यह अधिकार नहीं कि हम खाने की बर्बादी करे। यदि आपकी पार्टी में खाना बचता है तो उसे फेंकने की जगह किसी जरूरतमंद आदमी को दीजिए। जिससे वह और उसका परिवार खाना खाकर चैन से सो सके। क्योंकि इस दुनिया में ऐसे भी बहुत से लोग हैं जिनके पास दो वक्त की रोटी भी नहीं है। अब,जब भी आप किसी पार्टी या शादी में जाए तो यह सोचकर खाना खाए कि अगर मैं खाने के सामान को बर्बाद करता हूं तो मैं किसी भूखे का हक मार रहा हूं। बहरहाल, आज बात ऐसे एक शख्स की, जो हैदराबाद तो आए थे इंजीनियर बनने। लेकिन कुछ ऐसा बदलाव हुआ कि वह अब रोजाना 2000 लोगों को खाना खिला रहे हैं। इस शख्स का नाम है मल्लेश्वर राव।

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इंजीनियर से कैसे लोगों के खाने के लिए करने लगे इंतजाम
मल्लेश्वर राव बताते हैं कि वह बी.टेक करने के लिए साल 2011 में हैदराबाद आए थे। यहां उन्होंने केटर के रुप में पार्ट टाइम जॉब भी किया। इस दौरान मैंने पाया कि इवेंट के दौैरान खाने की बहुत बर्बादी हो रही है। मेरे दिमाग में एक ख्याल आया कि बहुत से ऐसे लोग हैं, जो खाना का बंदोबस्त भी नहीं कर सकते हैं, मैंने सोचा कि क्यो न इनके लिए खाना पैक करवा कर दिया जाए। यह विचार मैंने अपने दोस्तों के बीच शेयर किया। हालांकि दोस्तों ने शुरु में काफी कुछ कहा, कि यह हमें करने की जरूरत नहीं है। लेकिन राव अपना अधिकतर समय उन लोगों के लिए निकालते थे जो खाने के लिए मोहताज थे। बस यहीं से राव ने लोगों के लिए भोजन का प्रबंध करने लगा। इसके बाद उन्होंने एक मुहिम चलाई और एक संस्था बनाई। जिसका नाम रखा गया, खाना बर्बाद मत करो। इस कैंपेंन के तहत वह होटल, रेस्टोरेंट के साथ संपर्क करने लगे। और वहां से खाना पैक करवाकर जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाने लगे। राव बताते हैं कि वह बीते 9 साल से जरूरतमंद लोगों को खाना खिला रहे हैं।

क्या कहते हैं मल्लेश्वर राव
मल्लेश्वर राव बताते हैं कि एक मुहिम के तहत काम शुरु किया था। आज रोजाना 2000 लोगों का पेट भरा जा रहा है। वह बताते हैं कि रोजाना काफी खाना बर्बाद होता है। अगर बर्बाद होने की जगह वहीं खाना किसी भूखे के पेट में चला जाए तो इस से अच्छा क्या हो सकता है। राव कहते हैं कि अगर लोग खाना बांटने लगे तो यकीन मानिए खाने की बर्बादी नहीं होगी। और सभी को खाना मिल सकेगा। कोई भूखा नहीं सोएगा।

 

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