Tuesday, April 20, 2021
- Advertisement -

स्तन कैंसर मरीजों के इलाज के लिए 16 साल की युवती ने दान की इंटरनेशनल गेंद

Must Read

वैलंटाईन डे मनाने का अनोखा तरीका,मालगाड़ी के नीचे पहुंच गया प्रेमी जोड़ा, फोटो देखकर आएगा मजा

वैलंटाईन डे को प्यार के दिन के तौर पर मनाया जाता है। इस दिन दुनिया भर में प्रेमी जोड़े...

अलग ही मिट्टी के बने तुषार, 17 साल तक असफलताओं से लड़े, अब बने जज

लोग दो या तीन साल की मेहनत के बाद सफल नहीं होते है तो वह टूट जाते है। लोग...

शहर घूमने सडक़ों पर निकला कोबरा तो रूक गया ट्रैफिक, घटना का वीडियो वायरल

वन्य जीवों के शहर में घूसने के मामले आए दिन सामने आते रहते हैं। कभी तेंदुआ तो कभी कोई...

New Delhi: क्रिकेट ग्राउंड में जब भी बल्लेबाजों के द्वारा लंबे छक्के लगाए जाते हैं तो पवेलियन में बैठे दर्शक गेंद को लपकने के लिए अपनी कुर्सियों से उठ कर खड़े हो जाते हैं। पिछले साल भारत व ऑस्ट्रेलिया के बीच खेले गए टी-ट्वेंटी सीरीज में भारतीय टीम के दमदार खिलाड़ी हार्दिक पांड्या ने दूसरे टी-ट्वेंटी मैच में जोरदार छक्का लगाया था। जिसे दर्शकों के बीच बैठी एक 16 साल की युवती ने लपक लिया था। उन दिनों में इस युवती की काफी तारीफ हुई थी। सोशल मीडिया पर इस युवती की फोटो वायरल हुई थी। जिस दौरान युवती ने कैच पकड़ा था, इनके साथ फोटो खींचवाने के लिए दर्शकों की लंबी कतार लग गई थी। अब यह युवती एक बार फिर चर्चा में हैं। इस युवती का नाम है अदी शाह।

the times of india

अदी शाह ने दान में दी इंटरनेशनल गेंद
इस 16 साल की युवती ने इस इंटरनेशनल गेंद जिसे उन्होंने स्टेडियम में लपका था। जिसे हार्दिक पांड्या के द्वारा शॉट् लगाया गया था। अब इस गेंद को शाह ने नेक काम के लिए दान किया है। उन्होंने स्तन कैंसर मरीजों के इलाज के लिए गेंद को दान किया है।

गेंद के बदले मिले थे लाखों रुपये के ऑफर
अदी बताती हैं कि वह एक दिन लोकल रेडियो के कार्यक्रम से जुड़ी थी। जहां उन्हें इस गेंद को बेचने के लिए लाखों रुपये का ऑफर भी मिला था। अदी बताती हैं कि उन्हें कार्यक्रम संचालक की ओर से पूछा गया कि तुम इस गेंद को बेचोगी या फिर दान करोगी। जिस पर मैंने परिवार के साथ बातचीत की और फैसला किया कि वह गेंद को दान करेंगी।

मैकग्राथ फाउंडेशन को किया दान
अदी शाह ने इस गेंद को मैकग्राथ फाउंडेशन को दान किया है। बताते चले कि मैकग्राथ एक फाउंडेशन चलाते हैं, जिसके तहत वह स्तन कैंसर मरीजों का इलाज करवाते हैं। बताते चले कि मैकग्राथ की पहली पहली पत्नी भी कैंसर पीडि़त थी। जिसके बाद उनका देहांत हुआ था। मैकग्राथ भी क्रिकेट से सन्यास लेने के बाद इस फाउंडेशन को चलाने लगे।

स्तन कैंसर मरीजों की होती है सहायता
गुलाबी टेस्ट क्रिकेट के आयोजन से आने वाले पैसे को मरीजों पर खर्च किया जाता है। जो कि सिडनी क्रिकेट गाउंड में आयोजित किया जाता है।

- Advertisement -

Latest News

वैलंटाईन डे मनाने का अनोखा तरीका,मालगाड़ी के नीचे पहुंच गया प्रेमी जोड़ा, फोटो देखकर आएगा मजा

वैलंटाईन डे को प्यार के दिन के तौर पर मनाया जाता है। इस दिन दुनिया भर में प्रेमी जोड़े...
- Advertisement -

और भी पढ़े

- Advertisement -