Sunday, April 18, 2021
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अरूण ने पिता की मौत के बाद 80 रुपए के उधार से शुरू की थी दुकान, आज है दुनिया का चमकता सितारा

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पिता की मौत के बाद 80 रुपए से रील उधार लेकर जब इस 16 साल के लडक़े ने अपने पिता की दुकान को खोला तो उसे बिल्कुल नहीं पता था कि वह अपने परिवार को कैसे पालेगा। उसके सामने अचानक इतना बड़ा संकट आ खड़ा हुआ था। पिता की तेरहवीं करने के बाद अरूण नाम के इस लडक़े ने अपनी दर्जी की दुकान को ही चलाने का फैसला किया था। मगर जिस तरह से वह घोर आर्थिक संकट में था, उस सूरत में उसे चारों ओर केवल अंधेरा ही दिखाई दे रहा था। लेकिन इस मुसीबत में भी अरूण ने हौंसला नहीं छोड़ा।

अरूण को मिला है राष्ट्रपति पुरस्कार

अरूण के इसी हौंसले ने आज उन्हें उस मुकाम पर पहुंचा दिया है ,जिस पर पहुंचने के लिए लोग केवल ख्वाब ही देखते हैं। पटियाला के रहने वाले अरूण बजाज आज 36 साल की उम्र में सेलीब्रिटी आर्टिस्ट का खिताब हासिल कर चुके हैं। उनके द्वारा बनाई गई विशेष तौर की पेटिंग दुनिया भर में मंहगी कीमतों पर बिकती हैं। वह दुनिया के एकमात्र ऐसे सुईंग मशीन आर्टिस्ट हैं, जिनके सुई धागे से बनाई गई पेटिंग का नाम गिनीज बुक ऑफ वल्र्ड रिकार्ड, लिम्का बुक ऑफ रिकार्ड, यूनिक वल्र्ड ऑफ रिकार्ड तथा इंडिया वल्र्ड ऑफ रिकार्ड में भी दर्ज हैं। राष्ट्रपति से लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी उनकी कलाकारी के फैन हैं। इस अनोखे हुनर के लिए अरूण बजाज को राष्ट्रपति सम्मान से भी नवाजा गया है।

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लंबी है अरूण के संघर्ष की कहानी

मगर अरूण के इस चमचमाते कैरियर के पीछे एक दुख व संघर्ष भरी दास्तान भी है। इस संघर्ष से उभरकर ही अरूण ने यह मुकाम हासिल किया है। शुरूआती जीवन को कठिनाई भरे रास्ते से इस मुकाम तक पहुंचाने में उन्होंने अथक मेहनत की है। अरूण के पिता एक दर्जी की दुकान चलाते थे। इस वजह से क्लास में सभी बच्चे अरूण को खूब चिढ़ाते थे। यह बात उसे बहुत खलती थी और वह इससे काफी परेशान भी रहता था। इसलिए उसने पढ़ते समय ही यह तय कर लिया था कि उसे जीवन में कुछ अलग करना है। अरूण शुरू से ही पढ़ाई में कमजोर था, मगर उसे पेटिंग करने की लगन जरूर थी। 12 साल की उम्र से ही वह अपने पिता की दुकान पर बैठकर काम

में उनकी मदद करता था।

पिता के निधन के बाद संभाली दुकान
अरूण जब 16 साल का था तो उसके पिता का निधन हो गया। तेरहवीं करने के बाद जब उसने अपनी दुकान खोली तो उसके पास काम करने के लिए पैसे तक नहीं थे। उसने 80 रुपए की रीलें उधार ली और किसी तरह से अचकन, एंब्रायडरी और शेरवानी का काम करने लगा। बाजार में उस समय कम ही लोग ये काम करते थे। यही नहीं वह दिलेर मेंहदी और गुरदास मान जैसे बड़े गायकों के कपड़े भी सिलाई करता था। हालांकि ये काम उसका अच्छा चल रहा था, मगर उसके अंदर का पेंटर उसे कुछ और ही करने के लिए उकसा रहा था।

सपना आया और बना दी पेटिंग

भास्कर से बातचीत में अरूण ने बताया कि एक बार उसे सपना आया कि वह सिलाई मशीन से गुरूनानक देव जी की पेटिंग बना रहा है। सुबह उसने इस सपने के बारे में सोचा और कहा कि क्या ये संभव हो पाएगा। मगर अरूण ने इसका प्रयास शुरू कर दिया। एक सप्ताह की मेहनत के बाद वह गुरू नानक देव जी का सिलाई मशीन से पोटे्रट बनाने में सफल रहा। जिसे लोगों ने खूब पसंद किया। उसके एक दोस्त को भी यह इतनी पसंद आई कि वह उसे अपने साथ विदेश ले गया। इसके बाद अरूण ने ऐसे कई और पोट्रेट बनाए, जिन्हें लोगों की सराहना मिलने लगी।

लोन लेकर शुरू किया काम

पंरतु अरूण इसी काम को करना चाहते थे। मगर रुपए ना होने की वजह से वह अटके हुए थे। शादी के बाद पत्नी ने उन्हें लोन व कर्जा लेने के लिए प्रोत्साहित किया, ताकि इस काम को बढ़ाया जा सके। उसने ऐसा ही किया। इस दौरान अरूण ने पाकिस्तान से एक फोटो मंगाकर महाराजा रणजीत सिंह का दरबार बनाया। जिसे देखकर पाकिस्तान वाले भी हैरान रह गए। उनका यह पोट्रेट पंजाब के एक वीआईपी ने 11 लाख रुपए में खरीद लिया। इसके बाद उनका हौंसला इस कदर बढ़ा कि उन्होंने भगवान कृष्ण की ऐसी ही शानदार तस्वीर बनाई। जिसे उसने बेचने की बजाए देश को समर्पित करने का निर्णय लिया। हालांकि भगवान कृष्ण की यह पेटिंग विदेशों में एक करोड़ में खरीदने वाले लोग भी तैयार हैं। मगर वह इसे अपने देश में ही रखना चाहते हैं।

पीएम ने भी अरूण की कला के मुरीद

अरूण बजाज ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक शानदार पेटिंग बनाकर उन्हें भी भेजी और उनसे मिलने की इच्छा जताई। प्रधानमंत्री ने भी प्रभावित होकर अरूण से मुलाकात की। तब अरूण ने उन्हें बताया कि दुनिया में वह अकेला आर्टवर्क का कलाकार है। यह सुनकर पीएम मोदी भी खासे प्रभावित हुए। वर्ष 2014 में सूरजकुंड मेले में भी अरूण ने अपनी पेटिंग लगाई थी और करीब दो से तीन लाख रुपए के बीच बिजनेस किया था। फिलहाल अरूण की इस कलाकारी के लोग दीवाने होने लगे हैं। धीरे धीरे उनका बिजनेस भी तेजी से ग्रोथ कर रहा है। अरूण का कहना है कि वह इस फील्ड में काफी तेजी से ग्रोथ कर रहे हैं और आने वाले दिनों में वह इससे भी अच्छा करके दिखाएंगे।

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