Friday, April 23, 2021
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तमिलनाडु में बस कंडक्टर की नौकरी के साथ-साथ 30 वर्षों से लगा रहे हैं जगह-जगह पेड़, लोगों ने दिया ट्री-मैन का नाम

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वर्तमान समय में मनुष्यों ने अपना विकास करने के लिए पर्यावरण को बुरी तरह प्रभावित किया है| पर्यावरण और मनुष्य के बीच का संतुलन जो पृथ्वी का आधार समझा जाता है, आज वह खत्म होने के कगार पर जा पहुंच चुका है| लेकिन इसी बीच कई ऐसे लोग भी हैं जो प्रकृति से बेइंतहा प्रेम करते हैं और अपने कार्यों से पर्यावरण बचाने का संदेश लोगों तक पहुंचाते हैं| इन्हीं में से एक हैं तमिलनाडु के एम योगनाथन जो पिछले 30 वर्षों से अनेकों जगह पेड़-पौधें लगाकर प्रकृति को बचाने का संदेश लोगों तक पहुंचा रहे हैं|

आइए जानते हैं एम योगनाथन के बारे में
एम योगनाथन तमिलनाडु में नागपट्टिनम के निकट मदुलादुरई के रहने वाले हैं| योगनाथन पेशे से बस कंडक्टर और हृदय से प्रकृति प्रेमी हैं| आज इसी प्रकृति प्रेम के कारण योगनाथन का नाम हरेक की ज़ुबान पर है| आज योगनाथन अपने कार्य से सभी को खूब प्रभावित कर रहे हैं और अनेकों लोगों का प्रकृति के प्रति नज़रिया भी बदल रहे हैं| योगनाथन अपनी नौकरी के साथ साथ अपनी प्रकृति के प्रति भी सचेत हैं और उसे बचाने के अथक प्रयास कर रहे हैं|

पढ़ाई छूट गई लेकिन प्रकृति से प्रेम नहीं छूटा
बता दें कि योगनाथन कक्षा आठवीं से पेड़-पौधे लगा रहे हैं| उन्हें बचपन से ही प्रकृति से बहुत प्रेम है| अन्य कारणों से योगनाथन की पढ़ाई 12वीं कक्षा में ही छूट गई थी| लेकिन पढ़ाई छूटने के बाद भी योगनाथन का प्रकृति प्रेम बरकरार रहा| आज योगनाथन बस कंडक्टर की नौकरी कर रहे हैं और साथ ही साथ वह अनेकों जगह अपने पैसों से पेड़-पौधे लगा चुके हैं| अपनी छुट्टी का दिन वह इसी काम को समर्पित करते हैं|

नीलगिरी की सुंदरता से प्रभावित हैं योगनाथन
बता दें कि योगनाथन नीलगिरी ज़िले में नौकरी करते थे| तभी वह नीलगिरी की प्राकृतिक सुंदरता से प्रभावित हुए और तभी से वह प्रकृति के बचाव हेतु जगह जगह पेड़-पौधे लगा रहे हैं| आज योगनाथन 32 जिलों में 3 लाख से भी ज्यादा पेड़-पौधे लगा चुके हैं और वह अपनी 40 प्रतिशत कमाई इस सराहनीय कार्य को समर्पित करते हैं| साथ ही वह लगभग 3700 स्कूलों में जाकर बच्चों को भी पेड़-पौधे लगाने के लिए प्रेरित कर चुके हैं|

इस सराहनीय कार्य के लिए मिल चुके हैं कई पुरस्कार
योगनाथन वाकई एक सराहनीय कार्य कर रहे हैं| उनके इस कार्य के लिए उन्हें पर्यावरण योद्धा नामक पुरस्कार से भी नवाजा जा चुका है| साथ ही केंद्रीय विद्यालय शिक्षा बोर्ड की कक्षा पाँचवीं की सामान्य ज्ञान की पुस्तक में योगनाथन को ग्रीन योद्धा के नाम से पढ़ाया जाता है| आज पूरा देश योगनाथन ट्री मैन के नाम से भी जानता है|

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