Wednesday, January 27, 2021
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पता ही नहीं चला, कैसे भटक कर राजस्थान से पहुंच गया पाकिस्तान, 11 साल बाद लौटा हमवतन, मनाई गई खुशियां

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Sanjay Kapoorhttps://citymailnews.com
Sanjay kapoor is a chief editor of citymail media group

ये व्यथा है एक ऐसे व्यक्ति की, जिसने थोड़ी सी गफलत की वजह से अपने जीवन के अनमोल 11 साल पाकिस्तान में बिता दिए। इस दौरान उसने कितना कष्ट झेला होगा, इसका अंदाजा शायद ही लगाना मुश्किल हो। वर्ष 2009 की वो काली रात थी, जब पुनवासी नाम का यह युवक ट्रक से राजस्थान पहुंचा। वहां पहुंचकर रास्ता भटकते ही राजस्थान सीमा से वह पाकिस्तान में पहुंच गया। उसे पता ही नहीं चला कि कुदरत उसके साथ इतना बड़ा मजाक करने वाली है। पाकिस्तान पहुंचने के बाद किसी को पता ही नहीं चला कि आखिर पुनवासी को जमीन निगल गई या फिर आसमान खा गया।

जो लिखा है नसीब में वहीं होगा

लेकिन कहते हैं कि किस्मत में जो लिखा होता है, उसे भुगतना हर शख्स के नसीब में होता है। ठीक इसी तरह से दो साल पहले पाकिस्तान सरकार ने पुनवास द्वारा अपने बताए पते पर भारत सरकार को उसकी जानकारी भेजी। पाक से आई इस जानकारी पर पुनवास की सारी वैरीफिकेशन करवाई गई । यह जानकारी मिर्जापुर जिला प्रशासन व पुलिस के पास पहुंची तो पुनवास के गांव व घरवालों की खोजबीन शुरू की गई। पुनवास की पूरी जानकारी हासिल होते हुए प्रशासन ने उसे सरकार तक पहुंचाया। सरकार को बताया गया कि पुनवास जनपद मीरजापुर के गांव भरूहना का रहने वाला है।

इस तरह शुरू हुआ घर वापिसी का दौर

यह जानकारी हासिल होते ही पुनवास की घर वापिसी का सिलसिला आंरभ हुआ। बीते 17 नवंबर को पुनवास को पाकिस्तान सरकार ने अटारी बार्डर के माध्यम से बीएसएफ को सौंपा। पंरतु इसमें भी काफी अड़चनें आईं, बताया गया है कि धनाभाव के चलते पुनवास की वापिसी की सारी स्थिति अटक गई।

ग्राम प्रधान व प्रशासन ने की सहायता

इसकी जानकारी मिलते ही ग्राम प्रधान ने अपने खर्चे पर पुनवास को लाने की तैयारी शुरू कर दी। इसे देखते हुए प्रशासन ने भी अपने स्तर पर मदद के हाथ आगे बढाए। इस तरह से एक सिपाही के साथ पुनवास के बहन किरण व जीजा मुन्नू को नए वर्ष वाले दिन अमृतसर भेजा गया। बीते मंगलवार को पुनवास को सभी लोग वाराणसी लेकर पहुंचे और इस तरह से 11 साल के लंबे संघर्ष व यादगार अतीत के बीच पुनवास की घर वापिसी संभव हो पाई। अपने घर पहुंचते ही पुनवास ने जहां अपने दुख भरे दिनों को याद किया, वहीं प्रशासन, पुलिस व लोगों ने उसका जोरदार स्वागत भी किया। सभी ने पुनवास के वापिस आने पर खुशियां मनाई और उसे मिलकर उसका अभिनंदन किया।

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