Wednesday, January 20, 2021
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कड़ाके की सर्दी और तेज बरसात के बीच भी किसानों के हौसले हैं बुलंद

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New Delhi: दिल्ली-एनसीआर में रविवार को सुबह से ही तेज बरसात के साथ तेज ठंडी हवाओं ने लोगों को घर पर रहने के लिए मजबूर कर दिया। लेकिन इस से धरने पर बैठे किसानों का हौसला कम नहीं हुआ है। तेज ठंडी हवाओं व तेज बरसात के बीच भी किसान धरने पर डटे हुए हैं। सिंधु बॉर्डर, टिकरी बॉर्डर, गाजीपुर बॉर्डर सहित अन्य बॉर्डर पर किसान नए कृषि कानून के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं, रविवार को किसान आंदोलन का 38वां दिन था। बताते चले कि मौसम विभाग के वरिष्ठ वैज्ञानिकों ने कहा था कि नए साल के पहले सप्ताह में दिल्ली-एनसीआर में शीतलहर के साथ जोरदार बारिश होने की संभावना है।

क्या बोले किसान
एक तरफ बरसात और दूसरी तरफ ठंड के बीच धरने पर बैठे किसानों ने कहा कि हम इस अवस्था में हैं कि हमें कुछ भी हो सकता है। हमारी जान खतरे में है, फिर भी हम जान दे देंगे। लेकिन कानून को रद्द करवाकर ही दम लेंगे।

4 जनवरी को होगी बातचीत
सोमवार को विज्ञान भवन में किसान नेता व केंद्र की मोदी सरकार के बीच बातचीत होगी। किसानों को उम्मीद है कि सोमवार को उनके हक में फैसला आएगा। यह बातचीत का सातवा राउंड होगा।

नहीं बनी बात तो आंदोलन जारी रहेगा
किसान पहले ही कह चुके हैं कि वह छह माह का राशन संग लेकर आए हैं। सरकार अगर 4 जनवरी को होने वाली बैठक के दौरान हमारे हक में फैसला नहीं देती है तो आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।

रात में होती है किसानों को दिक्कत
जिन जगहों पर किसान सो रहे हैं, वहां पर रात को काफी दिक्कतें होती हैं खासतौर पर बुजुर्ग किसानों को काफी समस्या हो रही है। बताया जा रहा है कि ज्यादातर किसान शुगर के मरीज हैं तो किसी को दूसरी बीमारी है। वहीं काफी छोटे छोटे बच्चे भी प्रदर्शन में शामिल हुए हैं।

 

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