Saturday, November 27, 2021
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4 जनवरी का इंतजार, नहीं मानी सरकार तो उग्र होगा किसान आंदोलन

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New Delhi: सिंधु बॉर्डर, टिकरी बॉर्डर, गाजीपुर बॉर्डर सहित अन्य बॉर्डर पर चल रहे किसान आंदोलन को एक माह से ज्यादा समय हो गया है। लेकिन अभी तक किसानों की मांग पूरी नहीं हो पाई है। जिसकी वजह से किसान अभी भी खुले आसमान के नीचे सोने को मजबूर हैं। वह भी तब जब देश में शीतलहर का प्रकोप जारी है। मौसम विभाग ने पहले ही चेतावनी दे दी है कि 1 जनवरी से लेकर पांच जनवरी के बीच दिल्ली एनसीआर में घना कोहरा के साथ बरसात भी हो सकती है। वहीं तापमान का पारा लगातार 3 डिग्री के आसपास बना हुआ है। साल के पहले दिन भी घने कोहरे के बीच तेज ठंडी हवाओं ने ठिठुरन वाली ठंड का अहसास करा दिया है। ऐसे में धरने पर बैठे किसानों को अब 4 जनवरी को होने वाली बैठक से उम्मीद है कि फैसला उनके हक में आएगा।

किसान बोले 4 जनवरी का इंतजार


सिंधु बॉर्डर पर किसान आंदोलन का शुक्रवार को 37वां दिन था। यहां पर मजदूर संघर्ष कमेटी के सुखविंदर सिंह सभरा ने कहा कि तीन कृषि कानून रद्द होना चाहिए.वह 4 जनवरी का इंतजार कर रहे हैं, अगर हल नहीं निकलता है तो आने वाले दिनों में संघर्ष तेज होगा।

सामाजिक कार्यकर्ता ने बांटे हीटर
किसानों को ठंड से बचाने के लिए सामाजिक कार्यकर्ता योगिता भयाना ने सिंधु बॉर्डर पर किसानों को हीटर दिए हैं,यह हीटर कश्मीर से लाए गए हैं। योगिता बताती हैं कि इन हीटर की मदद से जहां किसानों को ठंड का अहसास नहीं होगा, वहीं इस हीटर को बनाने वाले लोगों की भी आर्थिक स्थिति सुधरेगी।

छह बार में नहीं बनी बात
बीते एक माह के दौरान में किसान नेता व मोदी सरकार के मंत्री के बीच छह बार बैठक हुई। विज्ञान भवन में होने वाली इन बैठकों में किसान हक में फैसला नहीं आ पाया है

किसान बोले बिल में संशोधन नहीं चाहिए
धरने पर बैठे किसानों ने कहा कि उन्हें कृषि बिल में संशोधन नहीं चाहिए। मोदी सरकार को इस बिल को रद्द करना ही होगा। इसके बाद ही हम अपने गांव वापस जाएंगे।

 

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