Thursday, April 22, 2021
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बेटे को पढ़ाने के लिए पिता ने बेची जमीन, आज बेटे ने IAS अफसर बन पूरा किया पिता का सपना

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हर कोई माता-पिता यही चाहता है कि उनका बच्चा अपनी ज़िंदगी में सफलता को हासिल करे, जिसके लिए बच्चे के साथ-साथ माता-पिता भी हर वो प्रयास करते हैं जिससे बच्चा सफलता के मुकाम तक पहुँच पाए| आज हम आपके साथ एक ऐसी ही कहानी साझा करने जा रहे हैं, जिसमें पिता ने अपने बेटे को पढ़ाने के लिए ज़मीन बेच दी और बेटे ने भी IAS बन अपने पिता का जीवन सफल बना दिया|

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बहुत ही प्रेरणादायी कहानी है मुकुंद ठाकुर की

मुकुंद ठाकुर बिहार में मधुबनी ज़िले के रहने वाले हैं और पेशे से एक IAS अफसर हैं| मुकुंद की कहानी इसलिए भी खास है चूंकि जिस परीक्षा को पास करने में लोग सालों-साल लगा देते हैं उस परीक्षा को मुकुंद ने मात्र 22 वर्ष की उम्र में पहले प्रयास में न सिर्फ पास किया अपितु परीक्षा में टॉप भी किया| मुकुंद ने आज IAS बन अपने पिता के संघर्ष को भी सार्थक बना दिया है|

पिता चलाते हैं दूध की डेयरी

दरअसल मुकुंद के पिता एक डेयरी का बूथ चलाते हैं| इस डेयरी को चलाने में भी वह काफी संघर्षों का सामना करते हैं| लेकिन मुकुंद के पिता ने लाख कठिनाइयों के बाद भी मुकुंद की पढ़ाई पर कभी भी नकारात्मक असर नहीं पढ़ने दिया| इसके लिए मुकुंद के पिता ने अपनी ज़मीन भी बेच दी थी| मुकुंद पहले गाँव के स्कूल में पढ़ते थे, उसके बाद वह जवाहर नवोदय विद्यालय में पढ़ने के लिए गुवाहाटी चले गए| 12वीं कक्षा से ही मुकुंद ने यूपीएससी परीक्षा पास कर IAS बनने का लक्ष्य तय कर लिया था|

पहले प्रयास में निकाली UPSC की परीक्षा

मुकुंद का IAS बनने का लक्ष्य पहले से ही तय था| 12वीं बाद मुकुंद ने दिल्ली विश्वविद्यालय में स्नातक में दाखिला लिया और साथ ही UPSC की तैयारी करना भी शुरू कर दिया| उसके बाद मुकुंद ने वर्ष 2019 में पहली बार UPSC की परीक्षा दी और उसमें मुकुंद ने न सिर्फ परीक्षा पास की अपितु उसमें 54वीं रैंक भी हासिल की|

परीक्षा में सफल होने के लिए उद्देश्य होना ज़रूरी: मुकुंद ठाकुर

आज मुकुंद ने अपने माता-पिता का नाम रोशन कर दिया है| मुकुंद की इस स्सफलता से उनके माता-पिता को मुकुंद पर गर्व है| एक साक्षात्कार में मुकुंद कहते हैं कि परीक्षा में सफलता पाने के लिए उद्देश्य का होना अत्यंत आवश्यक है, चूंकि जो भी परीक्षार्थी उद्देश्य के साथ तैयारी करता है वह उस पद की अहमियत को समझ पाता है|

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