Monday, January 25, 2021
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पिता चलाते थे ऑटो, बाईक में पंचर लगवाने के लिए नहीं होते थे पैसे, मगर आज हैं देश के सफल क्रिकेट स्टार

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Sanjay Kapoorhttps://citymailnews.com
Sanjay kapoor is a chief editor of citymail media group

कामयाब होने के लिए आपको कठिन दौर से गुजरना ही पड़ता है। चाहे फिर आप साधन संपन्न हों या फिर मुफलिसी के दिनों से गुजर रहे हैं। मगर कामयाबी के लिए कड़ी मेहनत के बाद ही आपको उसकी असली कीमत पता चलती है। इस स्टोरी में आज आपको क्रिकेट टीम के एक ऐसे खिलाड़ी से अवगत करवाएंगे, जिन्होंने गरीबी के ऐसे दिन भी देंखे हैं, जिसके बाद शायद आपका हौंसला ही जवाब दे जाए। परंतु इस क्रिके टर व उनके परिवार ने इस संकट की घड़ी में भी सब्र रखा और अच्छे वक्त का इंतजार किया। इसका फल भी उन्हें मिला और आज वह भारतीय क्रिकेट टीम में शामिल होकर पूरी दुनिया में अपने देश व परिवार का नाम रोशन कर रहे हैं।

करोड़ों रुपए में खेलते है क्रिकेटर सिराज

यहां बात कर रहे हैं भारतीय क्रिकेटर मोहम्मद सिराज की। जो आज अपनी मेहनत के दम पर सफलता का परचम लहराते हुए करोड़ों रुपए में खेल रहे हैं। एक समय था इस क्रिकेटर के पास इतने भी रुपए नहीं होते थे कि वह अपनी बाईक में पंचर लगवा सकें। तब उन्हें इसके लिए अपने दोस्तों का मुंह ताकना पड़ता था। मोहम्मद सिराज के पिता ऑटो चलाकर बड़ी मुश्किल से अपने घर को चला पाते थे।

सिराज ने बताई अपने गरीबी के दिनों की कहानी

एक इंटरव्यू में मोहम्मद सिराज ने टीवी प्रेजेंटटर रीना डिसूजा से बात करते हुए कहा था कि उनके पिता की आमदनी बहुत सीमित थी। इसमें ही उनके पिता उनकी हर मांग पूरी करने की कोशिश करते थे। उन्हें जेब खर्च के तौर पर हर रोज 70 रुपए मिलते थे, जिसमें से वह 60 रुपए का बाईक में पेट्रोल भरवाते थे। उन्हें प्रेक्टिस के लिए बहुत दूर जाना पड़ता था। इन गरीबी के दिनों में भी उनके पिता उनके क्रिकेटर बनने की इच्छा को पूरी करने के लिए हरसंभव मदद करते थे। इस तरह से कठिन संघर्ष और गरीबी से लड़ते हुए वह आज इस मुकाम पर पहुंचे हैं।

आईपीएल खेलने के लिए मिलते हैं करोड़ों रुपए

लेकिन आज मोहम्मद सिराज के दिन पूरी तरह से बदल चुके हैं। इंडियन प्रीमियर लीग में एक सीजन की उनकी फीस 2.6 करोड़ रुपए तक है। वह पिछले तीन साल से आईपीएल में खेल रहे हैं। सिराज ने रीना को दिए गए इंटरव्यू मे बताया कि उस समय उन्हें एक मैच खेलने के लिए पांच सौ रुपए मिलते थे। एक बार एक मैच में उन्होंने नौ विकेट लिए थे, तब उनके मामा ने खुश होकर उन्हें पांच सौ रुपए दिए थे, जोकि उनके बहुत काम आए थे। सिराज ने बताया कि इस संकट से निकलकर आज वह और उनका परिवार बेहद खुश है।

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