Friday, April 23, 2021
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बेटे की सडक़ हादसे में मौत के बाद 32 साल से ट्रेफिक कंट्रोल की मुफ्त सेवा कर रहे हैं 75 साल के गंगाराम

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Sanjay Kapoorhttps://citymailnews.com
Sanjay kapoor is a chief editor of citymail media group

गंगाराम एक ऐसे बदनसीब पिता हैं, जिन्होंने एक सडक़ हादसे में अपने बेटे को खो दिया। तभी से लेकर वह आज तक अपने बेटे की याद में दिल्ली के सीलमपुर इलाके में ट्रेफिक कंट्रोल करने के काम में लगे हैं। 75 साल की इस उम्र में जब लोग अपने घरों में आराम की जिंदगी जी रहे होते हैं, उस उम्र में गंगाराम इसलिए यातायात कंट्रोल के काम में जुटे हैं, ताकि कोई और बेटा सडक़ हादसे की भेंट ना चढ़े। गंगाराम सुबह ही आठ बजे सीलमपुर चौक पर पहुंचकर अपने काम में जुट जाते हैं। टे्रफिक पुलिस की वर्दी पहने ये बुजुर्ग एक ही धुन में रहते हैं कि कोई भी व्यक्ति सडक़ हादसे में अपनी जान ना गंवाए। इसलिए 32 साल से वह बिना रूके और बिना थके इस काम को अंजाम दे रहे हैं।

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बेटे मुकेश का हुआ था एक्सीडेंट

बता दें कि गंगाराम सीलमपुर के बी ब्लाक में टीवी रिपेयरिंग की दुकान चलाते थे। उनका बेटा मुकेश जिसकी उम्र 40 साल थी, वह भी अपने पिता के साथ यही काम करता था। करीब 8 साल पहले की बात होगी, जब मुकेश का सीलमपुर चौक पर एक ट्रक की टक्कर में एक्सीडेंट हो गया था और वह भगवान को प्यारे हो गए। इसके बाद से दुखी पिता गंगाराम ने सीलमपुर चौक पर ही खुद को तैनात कर लिया, ताकि वह औरों की जिंदगी को बचा सके।

मुफ्त सेवा में जुटे हैं गंगाराम

यातायात पुलिस से जान पहचान की वजह से गंगाराम ने अपना आईकार्ड बनवाकर टे्रफिक कंट्रोल का काम शुरू कर दिया। उनके स्वर्गीय बेटे मुकेश की पत्नी की सैलरी और यातायात पुलिस के सहयोग से किसी तरह से उनकी गुजर बसर हो रही है। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल भी गंगाराम को उनकी इस निशुल्क सेवा के लिए सम्मानित कर चुके हैं।

सडक़ हादसे में डेढ़ लाख लोग गवां चुके हैं जान

बता दें कि देश में प्रत्येक वर्ष सडक़ हादसों की वजह से हजारों लोग मौत का शिकार होते हैं। एक आंकड़े के अनुसार वर्ष 2019 में देश में साढ़े चार लाख लोगा एक्सीडेंट का शिकार हुए हैं, जिनमें से करीब डेढ़ लाख से भी अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। इन सडक़ हादसों में अपने किसी बच्चे या पिता की मौत का गम क्या होता है, यह गंगाराम जैसे लोग ही भली भांति समझ सकते हैं।

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