Saturday, November 27, 2021
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सर्द रातों में बेघर लोगों के लिए बनाए शानदार घर, कंपकंपाती ठंड में लोगों को बचाने की शानदार मुहिम

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Sanjay Kapoorhttps://citymailnews.com
Sanjay kapoor is a chief editor of citymail media group

देश और दुनिया में कोई जगह ऐसी नहीं है, जहां बेघर और लावारिस लोग ना रहते हों। इन लोगों को हर सरकार यथासंभव अपनी ओर से रैनबसेरे उपलब्ध करवाने का प्रयास भी करती है। पंरतु तमाम कोशिशों के बावजूद ये अस्थाई घर पूरे नहीं हो पाते और लोग बेघर ही भटकते रहते हैं। ऐसी ही एक कड़ी जुड़ रही है जर्मनी से, जहां बेघर लोगों को रहने के लिए बड़े पैमाने पर घर बनाकर दिए जा रहे हैं। इस सराहनीय पहल के अंतर्गत रात को सडक़ों पर सोने वाले लोगों के लिए पॉड्स(ऑटोमैटिक सौर ऊर्जा से संचालित होने वाले घर) स्थापित किए जा रहे हैं। ताकि रात को वह सडक़ों की बजाए उनमें आराम से सो सकें।

Facebook /ulmer nest

जर्मनी में पड़ती है कड़ाके की ठंड

जर्मनी में इस मौसम में तापमान बहुत अधिक नीचे चला जाता है, जिसकी वजह से लोगों को कड़ाके सर्दी सहन करने के लिए मजबूर होना पड़ता है। इस हाड कंपा देने वाली सर्दी में लोगों को सडक़ पर सोने में कितनी दिक्कत और परेशानी होती होगी, सहज ही इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। हाल ही में जर्मनी में म्यूनिख से 120 किलोमीटर दूर ये पाड्स स्थापित किए गए हैं।

लडक़ी और स्टील से बनाए गए हैं ये घर

लकड़ी और स्टील की सामग्री का इस्तेमाल करते हुए ये पॉडस बनाए गए हैं। इनका निर्माण कर उसी स्थान पर रखे गए हैं, जहां बेघर लोगों की संख्या काफी अधिक होती है। पार्क और सडक़ों के किनारे रखकर बेघर लोगों को राहत देने का प्रयास किया गया है। रात के समय जब सर्द हवाएं चलती हैं, तब ये घर लोगों को काफी राहत देने का काम करते हैं। एक अस्थाई घर में दो लोग आसानी से रह सकते हैं।

सैंसर से चलते हैं ये घर

इन पॉड्स में इलेक्ट्रोनिक सेंसर भी लगाए गए हैं। जैसे ही कोई उनमें सोने के लिए जाता है तो सैंसर एक्टिव हो जाते हैं तथा वहां लगे सौर ऊर्जा के सभी उपकरण काम करने लगते हैं। शानदार तरीके व आधुनिक तकनीक से बनाए गए ये घर लोगों के लिए ना केवल आकर्षण का केंद्र बन रहे हैं, बल्कि बेघर लोगों के लिए भी काफी लाभदायक साबित हो रहे हैं।

इस व्यक्ति ने किया है शानदार घरों का निर्माण

इन आधुनिक पॉड्स का निर्माण फैल्को प्रॉस ने किया है। ये इतने बेहतरीन और आधुनिक तकनीक पर आधारित हैं कि वह फुल ऑटोमैटिक तरीके से काम करते हैं। इनमें सोने के लिए किसी को भी फार्म भरने या आवेदन करने की जरूरत नहीं है। जो रियल में बेसहारा और बेघर है, वह वहां आकर सो सकता है। समाजसेवा का काम करने वाले कुछ लोग इनको इस्तेमाल का तरीका बता देते हैं। इस तरह से जर्मनी में बेसहारा लोगों के लिए बनाए गए घर हजारों लोगों की मुसीबत खत्म कर रहे हैं इनका लाभ लेने वाले लोग उनका धन्यवाद कर रहे हैं, जिन्होंने ये शानदार पॉड्स बनाए हैं।

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