Friday, April 16, 2021
- Advertisement -

खुद हैं पूरी तरह से विकलांग, मगर करते हैं दूसरों की मदद, स्टंट दिखाकर कमाए 4 करोड़ और कर दिए दान

Must Read

वैलंटाईन डे मनाने का अनोखा तरीका,मालगाड़ी के नीचे पहुंच गया प्रेमी जोड़ा, फोटो देखकर आएगा मजा

वैलंटाईन डे को प्यार के दिन के तौर पर मनाया जाता है। इस दिन दुनिया भर में प्रेमी जोड़े...

अलग ही मिट्टी के बने तुषार, 17 साल तक असफलताओं से लड़े, अब बने जज

लोग दो या तीन साल की मेहनत के बाद सफल नहीं होते है तो वह टूट जाते है। लोग...

शहर घूमने सडक़ों पर निकला कोबरा तो रूक गया ट्रैफिक, घटना का वीडियो वायरल

वन्य जीवों के शहर में घूसने के मामले आए दिन सामने आते रहते हैं। कभी तेंदुआ तो कभी कोई...

कई लोग ऐसे होते हैं,जिनका जन्म ही दूसरों की मदद के लिए होता है। ऐसे ही एक शख्स हैं लाई चाई वाई, जोकि खुद तो दिव्यांग हैं, मगर इसके बावजूद उनका दिल दूसरों की मदद के लिए ही धडक़ता है। हांगकांग के रहने वाले लाई ने एक ऐसा इतिहास रचा है, जिसे देख व सुनकर आपके रौंगटे खड़े हो जाएंगे। खुद विकलांग होने के बावजूद वह स्टंट करके उन लोगों की मदद कर रहे हैं, जोकि किसी कारणवश एक्सीडेंट का शिकार होकर अपने शरीर के अंग खो चुके हैं। दिव्यांग लाई ने हाल ही में व्हील चेयर के साथ खुद को बांधकर 250 मीटर स्काईस्क्रेपर चढऩे का हौंसला दिखाया है। इससे उन्हें करीब चार करोड़ रुपए हासिल हुए हैं। इस रकम को उन्होंने दिव्यांगों के ईलाज हेतु दान कर दिया है।

Facebook/chawai lai

लाई ने एक्सीडेंट मेें खो दिए थे अपने पैर
बता दें कि दस साल पहले 37 वर्षीय लाई ने एक कार एक्सीडेंट में पैर खो दिए थे। उनकी कमर से नीचे तक का हिस्सा अपना काम नहीं करता। इसके बावजूद वह कुर्सी के जरिए इन ऊंचे टावर्स पर चढक़र जोरदार तरीके से स्टंट कर लोगों को हैरान कर देते हैं। लाई के हौंसले व जज्बे की बात करें तो उन्होंने इस बड़े हादसे के बावजूद कभी भी हार नहीं मानी। उन्होंने यह कभी नहीं सोचा कि वह विकलांग हैं और उनके पैर नहीं हैं।

अपनी विकलांगता का बनाया हथियार
लाई ने अपनी विकलांगता को इस तरह से हथियार बनाया कि वह 495 मीटर ऊंचे उस पहाड़ पर चढ़ गए थं। इस पहाड़ को उनके समाज में मजबूत और पकड़ के लिए प्रतीक के रूप में जाना जाता है। इस प्रतीकात्मक पहाड़ पर चढक़र लाई ने ऐसा इतिहास रचा, जिसे आज लोग भूलते नहीं है। फिलहाल वह 300 मीटर ऊंचे नीना टॉवर पर चढऩे का ख्वाब देख रहे हैं।

हौंसलों के सामने सब हैंं उनके पीछे
लाई कहते हैं कि आज वह अपनी मजबूत सोच के दम पर ऊंचह से ऊंची ईमारत पर चढऩे का हौंसला रखते हैं। यही वजह है कि वह कुदरत और भगवान का धन्यवाद करते हैं। कभी कभी तो वह ये सोचने पर मजबूर हो जाते हैं कि आखिर वह कौन से चीज है, जो उन्हें इस कदर सफल बना रही है। वह यह जानते हैं कि वह व्हीलचेयर पर हैं, इसके बावजूद वह पहाड़ पर चढऩे की क्षमता रखते हैं। वह ये भूल जाते हैं कि वह दिव्यांग हैं। लाई का कहना है कि वह आज भी यह सपने देखते हैं कि वो कुछ भी कर सकते हैं।

- Advertisement -

Latest News

वैलंटाईन डे मनाने का अनोखा तरीका,मालगाड़ी के नीचे पहुंच गया प्रेमी जोड़ा, फोटो देखकर आएगा मजा

वैलंटाईन डे को प्यार के दिन के तौर पर मनाया जाता है। इस दिन दुनिया भर में प्रेमी जोड़े...
- Advertisement -

और भी पढ़े

- Advertisement -