Monday, January 25, 2021
- Advertisement -

पूर्व कर्मचारी की तबियत थी खराब और 150 किमी का सफर तय कर उद्योगपति रतन टाटा पहुंचे कर्मचारी के घर

Must Read

किसी मसीहा से कम नहीं हैं दिव्यांग राधेश्याम, मगर हौंसला ऐसा कि बड़े से बड़ा दानवीर भी उनके सामने है बौना

दिव्यांग शब्द कैसे पड़ा, शायद बहुत से लोगों को इसकी जानकारी नहीं होगी। आपको बताते हैं कि विकलांग शब्द...

सडक़ हादसे रोकने का जुनून, पति राघवेंद्र ने घर और पत्नी ने जेवर बेच दिए, 48000 लोगों को बांट चुके हैं मुफ्त हेलमेट

दोस्तों और रिश्तेदारों की मदद करने के किस्से तो आपने बहुत सुने होंगे। क्या कभी आपने यह सुना है...

इस महिला ने सोहराई और मधुबनी कला के माध्यम से बनाई खुद की पहचान, विदेशों में भी लहराया भारतीय कला का परचम

वर्तमान समय में देखा जाता है कि ज़्यादातर लोग पश्चिमी सभ्यता से आकर्षित हो रहे हैं जिसके कारण वह...

New Delhi: देश के मशहूर उद्योगपति व टाटा ग्रुप के चेयरमैन रतन टाटा एक बार फिर सुर्खियों में हैं। मानवता की मिसाल पेश करते हुए रतन टाटा अपने पूर्व कर्मचारी से मिलने खुद पहुंचे हैं। उन्होंने मुंबई से लेकर पूणे तक के बीच लगभग 150 किमी का सफर तय किया और अपने पूर्व कर्मचारी से मिले। टाटा की ओर से इस तरह के कार्य की किसी को उम्मीद नहीं थी कि एक उद्योगपति अपने किसी पूर्व कर्मचारी से मिलने जा सकता है। यहीं वजह है कि सोशल मीडिया पर लोग रतन टाटा की जमकर तारीफ कर रहे हैं।

दो साल से बीमार था कर्मचारी
मीडिया रिपोट्र्स के मुताबिक रतन टाटा का पूर्व कर्मचारी बीते दो साल से बीमार चल रहा था। जब इस बात की सूचना टाटा ग्रुप के चेयरमैन को हुई तो खुद वह कर्मचारी का हाल-चाल लेने के लिए मुंबई से पुणे पहुंच गए।

कर्मचारी को भी नहीं थी उम्मीद
टाटा ग्रुप के चेयरमैन रतन टाटा 83 साल की उम्र में पूर्व कर्मचारी से मिलने जा सकते हैं, इसका अंदाजा किसी को नहीं था। यहीं वजह है कि जब टााटा मुंबई से पुणे पहुंचे तो वहां पर मीडिया की ओर से कोई पत्रकार मौजूद नहीं था। रतन टाटा का यह दौरा बिल्कुल निजी रखा गया था।

पहले भी कर्मचारियों से मिलने पहुंच चुके हैं टाटा
रतन टाटा पहली बार नहीं बल्कि इससे पहले भी कई बार अपने कर्मचारियों से मिलने पहुंच चुके हैं। बताते चले कि वह 26-11 के हमले में जान गंवाने वाले परिवारों से भी मिल चुके हैं। उन्होंने पीडि़त परिवार के बच्चों की पूरी पढ़ाई का खर्चा भी उठाया था। साथ ही परिवार को मेडिकल कवर भी दिया था।

पेट लवर भी हैं टाटा
रतन टाटा को डॉग काफी पसंद हैं। इसका अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि वह अकसर ट्विटर अकाउंट पर अपने डॉग के साथ फोटो शेयर करते हुए दिखाई देते हैं।

- Advertisement -

Latest News

किसी मसीहा से कम नहीं हैं दिव्यांग राधेश्याम, मगर हौंसला ऐसा कि बड़े से बड़ा दानवीर भी उनके सामने है बौना

दिव्यांग शब्द कैसे पड़ा, शायद बहुत से लोगों को इसकी जानकारी नहीं होगी। आपको बताते हैं कि विकलांग शब्द...
- Advertisement -

और भी पढ़े

- Advertisement -
Do NOT follow this link or you will be banned from the site!