Tuesday, April 20, 2021
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इसरो के वैज्ञानिक का कमाल, कार में फिट कर दिया मिनी जेसीबी जुगाड़, देखकर दंग रह गए लोग

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कई बार लोग अपनी समझ और बुद्धि का बेहतरीन प्रयोग कर ऐसा जुगाड़ बना देते हैं, जिसे लोग चाहकर भी भूल नहीं पाते। वैसे भी भारत देश को जुगाड़ बनाने में महारत हासिल हैं। हमारे देश में लोग इस तरह के अविष्कार कर देते हैं, जिन्हें देखकर विदेशी भी सन्नाटे में आ जाते हैं।

अनूठा अविष्कार की चारों ओर है चर्चा

देश के एक वैज्ञानिक भी अपने अनूठे व अजूबे अविष्कार को लेकर एक बार फिर से चर्चा में हैं। इसरो के वैज्ञानिक ने अपनी कार में एक ऐसा जुगाड़ फिट किया है, जिसे देखने के बाद लोग ना केवल हैरान हैं, बल्कि उनकी आंखें खुली की खुली रह जाती हैं। यह करिश्मा कर दिखाया है तिरूवनंतपुरम के एक गांव के मूल निवासी बेन जॉनसन ने। उन्होंने अपनी दो दशक पुरानी कार को एक जेसीबी में बदलकर अपने दिमाग का बेहतरीन नमूना पेश किया है। हालांकि इस कार में जेसीबी नुमा मशीन को बनाने में उन्हें दो महीने का समय लगा, मगर अब यह पूरी तरह से परफेक्ट हो गया है और इससे खेतीबाड़ी सहित कई कामों में इस्तेमाल किया जा सकता है।

ईसरो से जुड़े हैं बेन जॉनसन

बेन जॉनसन की उम्र महज 34 साल है और भारतीय अनुसंधान संगठन ईसरो से जुड़े हुए हैं। लॉकडाऊन के दौरान उन्होंने कुछ नया करने का सोचा। काफी पड़ताल के बाद उन्हें जेसीबी नुमा मशीन, जिसे वह टर्न बेकहो का नाम देते हैं, बनाने का आईडिया फाईनल किया। इसके लिए उन्होंने अपनी पत्नी की कार को चुना, जोकि काफी पुरानी हो चुकी थी। इस कार को वह बेकार नहीं जाने देना चाहते थे, इसलिए इसी पर उन्होंने अपना अविष्कार किया। दो महीने के अथक परिश्रम के दौरान सामान मंगवाने के लिए उन्हें काफी मेहनत करनी पड़ी, मगर अंत में जब यह तैयार हुई, इसका परिणाम सुखद रहा।

इस क्षमता से लैस है ये मशीन

बेन जॉनसन के अनुसार कार में फिट हुई ये जेसीबी मशीन (टर्न बैकहो) ना केवल बढिय़ा तरीके से खुदाई कर सकती है, बल्कि 500 किलो तक का वजन भी आसानी से उठा सकती है। इसका कुल वजन 1.1 टन है। उनके अनुसार यह अविष्कार मिनी एक्सकेवेटर की श्रेणी में शामिल किया जाएगा। इस तरह से बेन ने एक बढिय़ा अविष्कार के जरिए सस्ता व सुलभ मशीन तैयार कर उन लोगों की समस्या का समाधान किया है, जोकि लाखों रुपए की ये मशीन लेने की क्षमता नहीं रखते। ये लोग इस छोटी व जुगाड़ नुमा जेसीबी से अपने तालाब की खुदाई और खेतों के काम में उपयोग कर सकते हैं। इसे बेन जॉनसन की बेहतरीन उपलब्धि माना जा रहा है, जोकि वाकई में काबिले तारीफ है।

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