Saturday, May 15, 2021
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बीमार पिता को साईकिल पर गुरूग्राम से बिहार लाई थी ज्योति, पीएम ने दी शाबासी, अब है आलीशन घर की मालिक

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Sanjay Kapoorhttps://citymailnews.com
Sanjay kapoor is a chief editor of citymail media group

बीमार पिता को हरियाणा के गुरूग्राम से बिहार के दरभंगा तक साईकिल पर बिठाकर लाने वाली ज्योति को साईकिल गर्ल का खिताब मिलने के बाद उसकी व उसके परिवार की जिदंगी पूरी तरह से बदल गई है। ज्योति ने लॉकडाऊन के दौरान असंभव से लगने वाले काम को संभव कर दिखाया था। कोई सोच भी नहीं सकता कि एक लडक़ी हजारों किलोमीटर का दूर अपने बीमार पिता को साईकिल पर बिठाकर घर तक ले जा सकती है। लेकिन ज्योति ने सभी अटकलों को ठेंगा दिखाते हुए इस मुश्किल कारनामे को साकार कर दिया। ज्योति की इस बहादुरी ने देश मेें ही नहीं पूरी दुनिया में रातों रात उसे शोहरत के मुकाम पर पहुंचा दिया था।

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पीएम मोदी ने दी शाबासी

यही ज्योति एक बार फिर से सुर्खियों में है। गणतंत्र दिवस से एक दिन पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ज्योति से बात की है और उसके हौंसले व मेहनत पर उसकी प्रशंसा की है। साईकिल गर्ल के नाम से फेमस ज्योति व उनके परिवार का रहन सहन भी पूरी तरह से बदल गया है। लॉकडाऊन से पहले ज्योति का परिवार जहां एक कमरे के मकान में रहने के लिए मजबूर था, वहीं साईकिल गर्ल की ख्याति के बाद ज्योति का परिवार अपने गांव में तीन मंजिला मकान का मालिक बन गया है। उनका जीवन अब पूरी तरह से बदल गया है।

ये है ज्योति के साईकिल गर्ल बनने की कहानी

बता दें कि ज्योति के पिता मोहन पासवान का कहना है कि ज्योति के साईकिल गर्ल बनने से पहले उनका पूरा परिवार आर्थिक संकट में घिरा हुआ था। वह एक कमरे के मकान में किसी तरह से गुजर बसर कर रहे थे। लेकिन अब हालात बदल गए हैं और वह तीन मंजिल के मकान में संपन्न तरीके से जीवन जी रहे हैं। मोहन पासवान कहते हैं कि दिल्ली में वह एक एक्सीडेंट का शिकार हो गए थे। तब उनकी पत्नी, दामाद और बेटी उनका हालचाल जानने के लिए आए थे। उनकी स्थिति को देखकर ज्योति ने उनके पास रहकर ही उनकी सेवा करने का निर्णय लिया था।

तभी देश में लग गया लॉकडाऊन

परंतु तभी देश भर में लॉकडाऊन लग गया, जिसकी वजह से पूरी दुनिया ही बदल गई। उनकी हालत अधिक बिगडऩे लगी और वह चारों ओर से समस्याओं से घिर गए। लॉकडाऊन की वजह से सभी सेवा बंद हो गई। तब ज्योति ने निर्णय लिया कि वह अपने पिता को साईकिल पर बिठाकर बिहार दरभंगा तक ले जाएगी। हालांकि दिखने में यह काम असंभव था, मगर ज्योति ने उसे पूरा कर दिखायााा।

ज्योति को इस तरह से मिली साईकिल गर्ल की उपाधि

ज्योति के इस कारनामे की जब चर्चा शुरू हुई तो वह रातों रात ख्याति पाने लगे। ज्योति ने पूरे बिहार और अपने गांव का नाम रोशन कर दिया। इस तरह से उसे साईकिल गर्ल की उपाधि दी गई। इसके बाद ही सरकार और लोगों ने उनकी मदद की। आज वह अपनी साहसी और बहादुर बेटी की वजह से संपन्न जीवन जी रहे हैं। वह अपनी बेटी के हौंसले और जज्बे को सलाम करते हैं। मोहन पासवान ने बताया कि 25 जनवरी को उनके पास डीएम आफिस से बुलावा आया था। उन्हें बताया गया था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उनसे बात करेंगे।

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