Saturday, November 27, 2021
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मिलें मुंबई की लेडी सिंघम से,14 की उम्र में शादी, 18 साल में हुए दो बच्चे, 10 वीं पास तक नहीं थी, मगर बन गई IPS

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Sanjay Kapoorhttps://citymailnews.com
Sanjay kapoor is a chief editor of citymail media group

कहते हैं कि एक शिक्षित महिला कई परिवारों को रोशन कर देती है। ऐसा ही कुछ साबित कर दिखाया है आईपीएस अधिकारी एन अंबिका ने। उनकी कहानी लाखों लोगों के लिए प्रेरणा बनकर सामने आई है। उन्होंने अपने हौंसले से एक ऐसी लंबी लकीर खिंचकर दिखाई है, जिसे पार करना हर किसी के लिए संभव नहीं है। सैंकड़ों चुनौतियों का सामना किया है। मुसीबतों का डटकर मुकाबला करते हुए यह साबित कर दिया है कि मेहनत और धैर्य से किसी भी मंजिल को पाया जा सकता है।

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ये है मुंबई की लेडी सिंघम की कहानी

यही वजह है कि अंबिका को आज लोग मुंबई की लेडी सिंघम के तौर पर बुलाते हैं। उन्होंने यह मुकाम 2008 के बाद पाया है। बता दें कि मूल रूप से चेन्नई प्रदेश की रहने वाली अंबिका की 14 साल की उम्र में ही शादी हो गई थी। पति पुलिस में कांस्टेबल थे और अंबिका अपने दो बच्चों के साथ अपनी घर गृहस्थी संभाल रही थी। एक बार अंबिका अपने पति के साथ गणतंत्र दिवस की परेड देखने गई। वहां अंबिका ने अपने पति को पुलिस के बड़े अफसरों को बार बार सैल्यूट करते देखा। मासूमियत भरे अंदाज में अंबिका ने अपने पति से सैल्यूट करने का कारण पूछा, उन्हें बताया गया कि वे सब आईपीएस अफसर हैं, जोकि महकमे के बड़े साहब हैं।

अंबिका के मन में ऐसे जागा आईपीएस बनने का जज्बा

यह देखकर अचानक अंबिका के मन भी आईपीएस अफसर बनने का ख्याल आया। उन्होंने अपने पति को यह बात बताई। हालांकि उनके पति ने इसे एक ख्याल ही समझा और कहा कि इसके लिए बहुत पढ़ा लिखा होना पड़ता है। जबकि अंबिका तो उस समय स्कूल छोडक़र घर संभाल रही थी। इन हालातों में यह सब कैसे संभव था, जबकि वह तो उस समय दसवीं पास तक नहीं थी। मगर इस असंभव सी बात को अंबिका ने ठान लिया और पति को तैयार कर एक प्राईवेट कोचिंग सेंटर के जरिए दसवीं पास की। फिर डिस्टेंस लर्निंग एजुकेशन से स्नातक पूरी की। इसके बाद सपने सी लगने वाली यूपीएससी की परीक्षा में बैठ गई।

पति-बच्चों को छोडक़र चली गई चेन्नई

इसके लिए अंबिका ने अपने बच्चों को पति के हवाले छोडक़र चेन्नई का रूख कर लिया और वहां कोचिंग लेकर यूपीएससी की तैयारी शुरू कर दी। पीछे से उनके पति बच्चों की देखभाल के साथ अपनी नौकरी करते रहे। अंबिका लगातार तीन बार फेल हुई, मगर वह पास होने की लगातार कोशिश करती रही। तीन बार फेल होने के बाद पति ने अंबिका से वापिस आने के लिए कहा। पंरतु एक बार और वह प्रयास करना चाहती थी। इस बार अंबिका अपनी कोशिश में सफल रही और साल 2008 की परीक्षा में उनकी किस्मत ने साथ दिया। इस तरह से अंबिका ने यूपीएससी पास कर आईपीएस बनने में सफलता हासिल कर ली। आईपीएस अंबिका की यह पूरी कहानी किसी मसाला फिल्म से कम नहीं है।

अंबिका को मिला लेडी सिंघम का खिताब

अंबिका को अपनी पहली पोस्टिंग मुंबई में मिली और अपनी धाकड़ कार्यप्रणाली से जल्द ही वह लोगों के बीच लोकप्रिय हो गई। मुंबई पुलिस में उनका नाम और रूतबा इस कदर बढ़ा कि लोग उन्हें लेडी सिंघम के तौर पर जानने व पुकारने लगे। हालांकि अंबिका के लिए पहाड़ सा लगने वाला सपना पूरा करना किसी भी सूरत में संभव नहीं था। जो महिला दसवीं पास तक नहीं थी, उसने आईपीएस अधिकारी बनने का ना केवल ख्वाब देखा, बल्कि उसे पूरा भी किया। सिटीमेल न्यूज आईपीएस अंबिका के इस असंभव से काम को पूरा करने के जज्बे व हौंसले को दिल से सलाम करता है।

 

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