Sunday, April 18, 2021
- Advertisement -

मां डाक्टर, पिता आईपीएस, बेटी ने डाक्टर बनने के बाद पलटा फैसला, खुद भी बन गई IAS

Must Read

वैलंटाईन डे मनाने का अनोखा तरीका,मालगाड़ी के नीचे पहुंच गया प्रेमी जोड़ा, फोटो देखकर आएगा मजा

वैलंटाईन डे को प्यार के दिन के तौर पर मनाया जाता है। इस दिन दुनिया भर में प्रेमी जोड़े...

अलग ही मिट्टी के बने तुषार, 17 साल तक असफलताओं से लड़े, अब बने जज

लोग दो या तीन साल की मेहनत के बाद सफल नहीं होते है तो वह टूट जाते है। लोग...

शहर घूमने सडक़ों पर निकला कोबरा तो रूक गया ट्रैफिक, घटना का वीडियो वायरल

वन्य जीवों के शहर में घूसने के मामले आए दिन सामने आते रहते हैं। कभी तेंदुआ तो कभी कोई...
Sanjay Kapoorhttps://citymailnews.com
Sanjay kapoor is a chief editor of citymail media group

मां डाक्टर और पिता थे आईपीएस अफसर, बेटी ने भी इसी रास्ते पर चलते हुए पहले एमबीबीएस की और बाद मेें वह पिता के रास्ते पर चलते हुए यूपीएससी की तैयारी में जुट गई। पहले ही प्रयास में बेटी ने यूपीएससी में टॉप करते हुए आईएएस अधिकारी बनने का रास्ता साफ कर लिया। यह स्टोरी है बिहार की सौम्या की। जहां यूपीएससी क्लीयर करने के लिए लोग चार से पांच बार परीक्षा देते हैं और तब भी उनकी किस्मत साथ नहीं देती। वहीं सौम्या ने पहली ही बार में शानदार तरीके से यूपीएससी परीक्षा को पास कर आईएएस अधिकारी बनकर दिखा दिया।

पहले बनीं डाक्टर, फिर यूपीएससी पास की

मूलरूप से बिहार की रहने वाली सौम्या झा ने यूपीएससी में 58 वीं रैंक हासिल की है। हालांकि इससे पहले उन्होंने मेडीकल साईंस से स्नातक की पढ़ाई पूरी करने के बाद एमबीबीएस किया। इसके बाद वह डाक्टर बन गई। उनकी मां भी डाक्टर हैं, जोकि रेलवे में नियुक्त हैं, जबकि उनके पिता आईपीएस रह चुके हैं। सौम्या को एमबीबीएस करने के बाद लगा कि यह उनकी मंजिल नहीं है। इसलिए उन्होंने डाक्टरी छोडक़र यूपीएससी की तैयारी शुरू कर दी। इस कठिन परीक्षा को पास करने का उनके अंदर इतना जज्बा था कि वह पहले ही प्रयास में बेहतरीन तरीके से पास होने में सफल रहीं। यूपीएससी को 58 वीं रैंक के साथ पास करने पर उन्हें आईएएस का पद दिया गया है।

दूसरों को देखकर की तैयारी तो होगी मुश्किल

दिल्ली नॉलेज टे्रक को दिए इंटरव्यू में सौम्या झा ने बताया कि किसी दूसरे को देखकर अपनी तैयारी नहीं करनी चाहिए। यदि ऐसा करोगे तो कहीं के भी नहीं रहोगे और परेशानी में पड़ जाओगे। सौम्या ने कहा कि उनके साथ कई बार ऐसा हुआ है, वह दूसरों के इंटरव्यू देखकर अपनी तैयारी करती थीं। लेकिन इससे लाभ होने की बजाए उन्हें निराशा हाथ लगती थी। इसलिए सौम्या का कहना है कि सीखना तो हर किसी से चाहिए। लेकिन सीखने के बाद लिए गए ज्ञान को कहां इस्तेमाल करना है,इसका फैसला आपको खुद ही करना होगा।

- Advertisement -

Latest News

वैलंटाईन डे मनाने का अनोखा तरीका,मालगाड़ी के नीचे पहुंच गया प्रेमी जोड़ा, फोटो देखकर आएगा मजा

वैलंटाईन डे को प्यार के दिन के तौर पर मनाया जाता है। इस दिन दुनिया भर में प्रेमी जोड़े...
- Advertisement -

और भी पढ़े

- Advertisement -