Friday, April 23, 2021
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छोड़ो हीन भावना, हिन्दी में भी पास की जा सकती है UPSE , IAS निशांत जैन ने बनाया था ये इतिहास

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Sanjay Kapoorhttps://citymailnews.com
Sanjay kapoor is a chief editor of citymail media group

हमारे देश में अंग्रेजी का क्रेज इस कदर लोगों के सिर पर चढक़र बोल रहा है कि वह सोचते हैं कि हम इसके बिना कुछ कर ही नहीं सकते। यही वजह है कि स्कूल हो या फिर कोई भी शिक्षा केंद्र, लोग वहां इंगलिश मीडियम से ही शिक्षा लेने को प्राथमिकता देते हैं। यही वजह है कि इंगलिश मीडियम स्कूल की संख्या तेजी से बढ़ रही है और हिन्दी में शिक्षा देने वाले संस्थान लुप्त होते जा रहे हैं।

हिन्दी पढक़र बन सकते हैं आईएएस

लेकिन आज की इस पॉजीटिव खबर में हम आपको बताते हैं कि देश में इंगलिश के साथ साथ अपनी मातृभाषा हिन्दी में भी तरक्की की सीढिय़ां चढ़ी जा सकती हैं। देश की सबसे बड़ी व कठिन यूपीएससी को भी हिन्दी में भी पास करके बड़ा अफसर बना जा सकता है। इसके अलावा भी हिन्दी में शिक्षा ग्रहण करने वालों के लिए काफी विकल्प खुले हुए हैं। प्रमुख तौर पर आईएएस या फिर आईपीएस बनने के लिए हिन्दी के जरिए भी अफसरी हासिल की जा सकती है।

निशांत जैन ने बनाया था इतिहास

इंगलिश से यूपीएससी ग्रहण करने के मिथ्या और हीन भावना को तोडऩे में राजस्थान कैडर के आईएएस अफसर निशांत जैन ने इतिहास रच दिया था। निशांत जैन ने वर्ष 2014 में ना केवल हिन्दी माध्यम से यूपीएससी की परीक्षा दी, बल्कि 13 वां रैंक हासिल करके देश के इतिहास में अपना नाम दर्ज करवा दिया था। इसके बाद से उन लोगों में एक उम्मीद की किरण जरूर जगी है, जोकि हिन्दी से यूपीएससी की परीक्षा देने में हीन भावना से गुजर रहे थे। लेकिन निशांत जैन ने ऐसे लाखों युवाओं को राह दिखाई है।

मन से निकाल दें हीन भावना

निशांत जैन उन सभी युवाओं को सीधे तौर पर केवल एक बात कहते हैं कि यदि आप हिन्दी माध्यम से यूपीएससी की परीक्षा देना चाहते हैं तो सबसे पहले अपने अंदर से हीन भावना को निकालना जरूरी है। उनका कहना है कि मैं बचपन से ही हिन्दी माध्यम से शिक्षा ग्रहण करते हुए बड़ा हुआ हूं। हालांकि इंगलिश की बजाए हिन्दी में तैयारी करने के लिए सामग्री बहुत कम ही उपलब्ध है। इसके बावजूद उन्होंने हिन्दी माध्यम से यूपीएससी को क्रैक करके यह साबित कर दिखाया है कि यह कोई बड़ा काम नहीं है। यूपीएससी क्लीयर करने के लिए हिन्दी माध्यम बहुत बेहतर है और अब बाजार में बहुत से हिन्दी की किताबें भी आने लगी हैं, जिन्हें पढक़र यूपीएससी की तैयारी करना बहुत आसान हो गया है।

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