Friday, February 26, 2021
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रजनी को मिला पदश्री, बंटवारे का झेला दर्द , घर में बनाए बिस्कुट , आज है 1000 करोड़ रुपए की कंपनी

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Sanjay Kapoorhttps://citymailnews.com
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मिसेज रजनी बेक्टर, ये वो नाम है, जिन्होंने अपनी मेहनत और धैर्य के बल पर घर से शुरू किए एक छोटे से बिजनेस को 1000 करोड़ रुपए के टर्नओवर में बदल दिया। भारत-पाकिस्तान के बंटवारे का दुख झेलकर किसी तरह से पढ़ाई लिखाई करके रजनी बेक्टर ने विवाह के बाद अपने ही घर में बिस्कुट बनाने का काम शुरू किया। पहले वो खुद ही अपने घर में बिस्कुट बनाया करती थी। धीरे धीरे उनकी मेहनत ने रंग दिखाया और वह एक बड़ी बिस्कुट कंपनी की मालिक बन गई।

रजनी बेक्टर को मिला पदमश्री अवार्ड

रजनी बेक्टर की यह कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं है। सरकार ने श्रीमति रजनी की इसी मेहनत को देखते हुए उन्हें देश की लाखों महिलाओं के लिए प्रेरक माना है। इसके चलते ही 2021 गणतंत्र दिवस पर उन्हें पदश्री पुरस्कार से नवाजा गया है। रजनी बेक्टर की बिस्कुट कंपनी ने 550 करोड़ रुपए का आईपीओ भी लांच किया है। जोकि अपने आप में एक मिसाल है।

बंटवारे के बाद भारत आया परिवार

1940 में पैदा हुई रजनी का जन्म पाकिस्तान के कराची शहर में हुआ था। बंटवारे के बाद रजनी अपने परिवार के साथ भारत आ गईं। भारत में आकर उन्होंने पहले अपनी शिक्षा पूरी की और ग्रेजुएट करने के बाद लुधियाना के एक बिजनेसमैन के घर उनका विवाह हो गया। विवाह के बाद रजनी ने अपने घर पर ही बिस्कुट बनाना शुरू कर दिया। जैसे ही उनके इस काम ने तरक्की की सीढिय़ां चढ़ी तो उन्होंने आईसक्रीम के व्यापार में हाथ आजमाने शुरू किए। इस दौरान उन्होंने तमाम मुश्किलें झेली, मगर हार नहीं मानी और धीरे धीरे अपने बिजनेस को सफलता के रास्ते पर लेकर चलने लगीं।

सरकार ने उन्हें पदमश्री पुरस्कार से नवाजा है

रजनी बेक्टर की मेहनत और लगन का ही परिणाम है कि आज उनकी मिसेज बेक्टर और क्रीमिका बिस्कुट कंपनी की अलग ही पहचान है। उनके प्रोडेक्ट की अपने देश के साथ साथ विदेशों में भी काफी डिमांड है। एक अनुमान के अनुसार बेक्टर कंपनी का टर्नओवर आज एक हजार करोड़ से भी ज्यादा हो गया है। इसलिए रजनी बेक्टर को एक प्रेरक मानते हुए सरकार ने उन्हें पदमश्री पुरस्कार से नवाजा है।

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