Monday, January 25, 2021
- Advertisement -

जरूरतमंद के लिए मसीहा बने संजय, 24 वर्षों से करा रहे हैं लोगों के आंखों का ऑपरेशन

Must Read

किसी मसीहा से कम नहीं हैं दिव्यांग राधेश्याम, मगर हौंसला ऐसा कि बड़े से बड़ा दानवीर भी उनके सामने है बौना

दिव्यांग शब्द कैसे पड़ा, शायद बहुत से लोगों को इसकी जानकारी नहीं होगी। आपको बताते हैं कि विकलांग शब्द...

सडक़ हादसे रोकने का जुनून, पति राघवेंद्र ने घर और पत्नी ने जेवर बेच दिए, 48000 लोगों को बांट चुके हैं मुफ्त हेलमेट

दोस्तों और रिश्तेदारों की मदद करने के किस्से तो आपने बहुत सुने होंगे। क्या कभी आपने यह सुना है...

इस महिला ने सोहराई और मधुबनी कला के माध्यम से बनाई खुद की पहचान, विदेशों में भी लहराया भारतीय कला का परचम

वर्तमान समय में देखा जाता है कि ज़्यादातर लोग पश्चिमी सभ्यता से आकर्षित हो रहे हैं जिसके कारण वह...

New Delhi: जरूरतमंद लोगों की मदद करने का जब भी मौका मिला। इस शख्स ने उसे दोनों हाथों से स्वीकार किया। चाहे किसी को दो वक्त की रोटी के लिए राशन मुहैया कराना हो या फिर किसी को स्वास्थ्य सेवा देना हो। जब भी जररूतमंद व्यक्ति इनके संपर्क में आया। इस शख्स ने सभी जरूरतमंद की मदद की। आज की स्टोरी दिल्ली के इसी मसीहा कि जिन्होंने अपने जीवन का एकमात्र लक्ष्य बनाया है कि वह जररूतमंद लोगों की मदद करते रहेंगे। इस शख्स का नाम हैं संजय कुमार जो कि दिल्ली के कोटला मुबारकपुर में रहते हैं। चलिए जानते हैं इनके बारे में

sanjay kumar

इस कॉलेज से स्नातक की पढ़ाई की

संजय कुमार ने स्कूली शिक्षा दिल्ली से की है, और उन्होंने इसके आगे की पढ़ाई के लिए जामिया-मिलिया-इस्लामिया में दाखिला लिया। यही से उन्होंने स्नातक की पढ़ाई की। हालांकि संजय को पढ़ाई के साथ-साथ खेलकूद में भी काफी रूचि थी। बताते चले कि उन्होंने तीन साल तक थियेटर भी किया। इसके साथ ही उन्होंने जामिया में एनएसएस व एनसीसी में काम भी किया है।

पढ़ाई के दौरान ही लोगों की मदद करने का उठाया जिम्मा
संजय जब कॉलेज के आखिरी साल में थे तो उन्होंने मन बना लिया था कि वह नौकरी करने के बजाय गरीब, जरूरतमंद लोगों के लिए काम करेंगे। साल 1997 जब संजय ने पहली बार किसी जरूरतमंद व्यक्ति की मदद के लिए हाथ बढ़ाए। फिर क्या यह सिलसिला आज भी यूं ही जारी है। बीते 24 वर्षों में सैकड़ों लोगों की मदद कर चुके हैं संजय।

400 लोगों का करवाया आंखों का ऑपरेशन
24 साल लगातार गरीबों की मदद करने का सिलसिला जो संजय ने साल 1997 में शुरु की थी। उसे आज भी जारी रखे हुए हैं। बीते इन 24 साल में संजय के द्वारा लगाए गए हेल्थ कैंपों में 400 से ज्यादा लोगों के आंखों का ऑपरेशन कराया गया। यह वह लोग थे, जिनकी आंखों का इलाज अगर सही समय पर न होता तो शायद वह आज ठीक रूप से दुनिया को देख नहीं पाते। इसके साथ ही साथ उन्होंने ढाई हजार लोगों को चश्में भी दिए।

हर महीने लोगों विभिन्न क्षेत्रों में लगाते हैं हेल्थ कैंप
पैसे के अभाव में लोग अपने स्वास्थ्य का चेकअप भी नहीं कराते हैं। जिनसे कई तरह की बीमारी उन्हें अपनी गिरफ्त में ले लेती है। परिणाम यह होता है कि कई लोगों की बीमारी के चलते मौत भी हो जाती है। ऐसे में संजय कुमार लोगों को बीमारी से बचाने व बेहतर स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने के लिए हर महीने विभिन्न क्षेत्रों में हेल्थ कैंप लगवाते हैं। जहां पर सैकड़ों लोग स्वास्थ्य सेवा का लाभ लेने के लिए पहुंचते हैं।

इस ट्रस्ट के द्वारा आयोजित होता है हेल्थ कैंप
संजय हर महीने चौधरी सोहनलाल संतोष चैरिटेबल ट्रस्ट की ओर से हेल्थ कैंप लगवाते हैं। जिसके तहत लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवा दी जाती है। इस कैंप में आंख जांच के साथ शरीर के अन्य हिस्सों की जांच करवाई जाती है। हेल्थ कैंप में आने वाले सभी डॉक्टर मैक्स अस्पताल से बुलाए जाते हैं। जिनके परामर्श पर लोगों को स्वास्थ्य संबंधित जानकारी दी जाती है।

बच्चों को देते हैं सीख, जब भी मौका मिले, करे मदद
संजय कुमार के परिवार में उनकी धर्मपत्नी के अलावा दो बेटे व एक बेटी हैं। संजय जिस तरह से खूद समाजसेवा करने में अपना अधिक समय व्यतीत करते हैं। इसी प्रकार वह अपने अपने बच्चों को भी सीख देते हैं कि जब भी मौका मिले किसी की मदद करने का, तो मदद जरूर करना। खास बात यह है कि पिता की इस सीख को तीनों बच्चे भलीभांति मानते भी हैं।

24 साल के सफर पर क्या कहते हैं संजय
संजय बताते हैं कि साल 1997 में पहली बार हेल्थ कैंप लगाकर लोगों की मदद की थी। आज पूरे 24 साल हो गए हैं। वह कहते हैं कि उनके पिता व उनके पूर्वज का आर्शीवाद है उनपर, जिनसे उन्हें शक्ति मिलती है कि वह जरूरतमंद लोगों के चेहरे पर मुस्कान ला सके।

कई अवॉर्ड से सम्मानित
संजय कुमार ने बीते 24 सालों में सैकड़ों लोगों को फ्री में स्वास्थ्य सेवा दी है। संजय के इस काम के लिए उन्हें दर्जनों अवॉर्ड से सम्मानित किया जा चुका है। उन्हें साल 2020 में नागरिक सम्मान से नवाजा गया। यह अवॉर्ड खुद कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता अभिषेक दत्त के द्वारा दिया गया था। इसके अलावा ऐसे ही न जाने कितने ही सम्मान से संजय को सम्मानित किया जा चुका है।

- Advertisement -

Latest News

किसी मसीहा से कम नहीं हैं दिव्यांग राधेश्याम, मगर हौंसला ऐसा कि बड़े से बड़ा दानवीर भी उनके सामने है बौना

दिव्यांग शब्द कैसे पड़ा, शायद बहुत से लोगों को इसकी जानकारी नहीं होगी। आपको बताते हैं कि विकलांग शब्द...
- Advertisement -

और भी पढ़े

- Advertisement -
Do NOT follow this link or you will be banned from the site!