Sunday, January 17, 2021
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स्कूली छात्राओं ने बनाया ऐसा सैनिटरी पैड जिसके साइड इफेक्ट्स नहीं है

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New Delhi: तेलंगाना के यादाद्री भुवनगिरि जिले के एक सरकारी स्कूल के छात्रों ने जीरो वेस्ट सेनेटरी नैपकिन के नाम से स्त्री सुरक्षा पैड बनाया है। जिला परिषद की इन छात्राओं ने पानी के जलकुंभी, मेथी, हल्दी नीम और साबजा के बीच का प्रयोग कर सैनिटरी पैड बनाया है। गौर करने वाली बात यह है कि बाजारों में उपलब्ध पैड आसानी से विघटित नहीं होते हैं। इसी समस्या का हल निकालने के लिए छात्राओं ने अपने तरीके व स्त्री सुरक्षा को देखते हुए पैड बनाए हैं।

क्या कहती हैं छात्रा
छात्रा बताती हैं कि सैनिटरी कचरे के मुद्दे का समाधान खोजने के लिए हम एक विचार लेकर आए हैं। वह कहती हैं कि मौजूदा समय में जो सैनिटरी पैड इस्तेमाल किए जा रहे हैं वह पेट्रोलियम रसायनों से तैयार किए जाते हैं। जिसके कई सारे साइड इफेक्ट्स है।

कैसे किया तैयार
10वीं क्लास की छात्रा बताती हैं कि यह जरूरी है कि लोग मासिक धर्म के बारे में बात करे और लोगों के बीच में जागरूकता फैलाए। वह कहती हैं कि हम ऑर्गेनिक सैनिटरी पैड्स के विचार के साथ आए हैं। यह पैड्स मासिक धर्म के दौरान महिलाओं की मदद करती है साथ ही यह पर्यावरण के लिए अनुकूल भी है। उनकी शिक्षिका ने कहा कि हमें गर्व है कि हमारे छात्रों ने ऐसे पेड्स बनाए हैं।

जागरूकता फैलाना जरूरी
शिक्षिका कहती हैं कि अभी भी ग्रामीण तबके में रहने वाली महिलाएं व लड़कियां सैनिटरी पेड्स का इस्तेमाल नहीं करती हैं, हालांकि कुछ महिलाएं पैसे की तंगी की वजह से पेड्स नहीं लगाती है, और कुछ पुरानी सोच की वजह से।

यह ऑर्गेनिक है
शिक्षिका कहती हैं कि उन्हें अपने छात्राओं पर गर्व है जो इस समय में इस तरह की पहल के साथ आगे आए हैं। उन्होंने कहा कि बाजार में उपलब्ध सैनिटरी पैड पेट्रोलियम रसायनों से बनते हैं, जिससे खुजली और इसके कई दुष्प्रभाव भी देखने को मिलते हैं। उन्होंने कहा कि स्त्री सुरक्षा पेड्स कारगर साबित होंगे।

 

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