Friday, April 23, 2021
- Advertisement -

किसी वक्त बर्बाद हो गया था ये परिवार, सडक़ पर बेचते थे बैग, आज है उनकी 250 करोड़ की कंपनी

Must Read

वैलंटाईन डे मनाने का अनोखा तरीका,मालगाड़ी के नीचे पहुंच गया प्रेमी जोड़ा, फोटो देखकर आएगा मजा

वैलंटाईन डे को प्यार के दिन के तौर पर मनाया जाता है। इस दिन दुनिया भर में प्रेमी जोड़े...

अलग ही मिट्टी के बने तुषार, 17 साल तक असफलताओं से लड़े, अब बने जज

लोग दो या तीन साल की मेहनत के बाद सफल नहीं होते है तो वह टूट जाते है। लोग...

शहर घूमने सडक़ों पर निकला कोबरा तो रूक गया ट्रैफिक, घटना का वीडियो वायरल

वन्य जीवों के शहर में घूसने के मामले आए दिन सामने आते रहते हैं। कभी तेंदुआ तो कभी कोई...
Sanjay Kapoorhttps://citymailnews.com
Sanjay kapoor is a chief editor of citymail media group

संघर्ष और कठिन परिश्रम के बल पर किसी भी मंजिल को पाया जा सकता है। कहते हैं कि जीवन जीने का दूसरा नाम ही मेहनत है। इस मेहनत की तपस्या के दम पर किसी भी मंजिल को पाया जा सकता है। ऐसा शख्स ना केवल खुद को स्थापित करता है, बल्कि औरों के लिए भी प्रेरणा बनता है। आज इस स्टोरी में हम एक ऐसे की युवक की कहानी बताएंगे, जिन्होंने सडक़ों पर बैग बेचते हुए कई सौ करोड़ रुपए की कंपनी खड़ी कर दी। आज यह कंपनी ना केवल अपना टर्न ओवर तेजी से बढ़ाने की दिशा में काम कर रही है, बल्कि 1000 लोगों को रोजगार भी दे रही है।

india.com

बर्बाद हो गया था तरूण का परिवार

यह कहानी है तरूण जैन नामक शख्स की, जोकि पूरी तरह से बर्बाद होने के बाद सडक़ पर बैग बेचने लगे। देखते ही देखते जैन परिवार ने अपनी मेहनत की तपस्या को अमली जामा पहनाने का काम किया तो वह धीरे धीरे प्रगति के रास्ते पर आगे बढऩे लगे। दरअसल इस परिवार की भी अनोखी कहानी है। साल 1992 में देश में बहुत से लोगों ने हर्षद मेहता के शेयर स्कैम में अपनी जीवन भर की जमा पूूंजी गंवाई थी। बिजनेसमैन मूलचंद जैन का परिवार भी उनमें से एक था। इस बर्बादी के बाद झारखंड के जैन परिवार ने मुंबई का रूख कर लिया। मुंबई आकर उन्होंने अपने बेटे तुषार जैन के साथ गलियों में बैग बेचने का काम शुरू कर दिया। जल्द ही तुषार ने अपनी मेहनत के बल पर ना केवल परिवार की स्थिति को संभाला, बल्कि एक कंपनी की नींव भी डाल दी।

इस कंपनी की ऐसी पड़ी नींव

इस कंपनी के को-फाऊंडर के तौर पर तुषार जैन ने तरक्की करते हुए आज अपनी इस कंपनी को देश के चौथे बड़े बैग निर्माता और लगेज बैग विक्रेता के तौर पर स्थापित किया है। इस कंपनी का मुख्यालय मुंबई में है तो देश के कई शहरों में उनके रीजनल आफिस हैं। तरूण जैन ने अपनी इस कंपनी की नींव साल 1999 में रखी थी। कुछ ही समय में इस कंपनी ने अपना 250 करोड़ का टर्नओवर बना लिया है। 41 वर्षीय तुषार के इस संघर्ष की कहानी ना केवल दुखभरी है, बल्कि उसके पीछे कठोर मेहनत की तपस्या भी है। इस तपस्या के फल के तौर पर ही उनकी कंपनी तेजी से फ ल फूल रही है।

इस तरह से शुरू किया व्यापार

सबसे पहले जैन ने 300 लोगों के साथ अपना व्यापार शुरू किया। 2002 में अपने इस कारोबार को उन्होंने पूरे देश में फैलाने का निर्णय लिया। इस दौरान तरूण जैन ने प्रॉरियटी नाम से अपने ब्रांड की शुरूआत की। साल 2007 आते आते इस क्षेत्र में वह जाना पहचाना नाम बन गए थे। अपनी कंपनी का ब्रांड स्थापित होते ही तुषार जैन ने खुद की इंडस्ट्री शुरू की, जिसमें करीब चार हजार बैग बनाए जाने लगे। जिसके बाद उनकी कंपनी का मुनाफा भी ग्रोथ करने लगा।

अभिनेत्री सोनम कपूर है ब्रांड एंबेसडर

वर्ष 2017 में तुषार जैन ने अपनी कंपनी के नेतृत्व में बैग के दो बड़े ब्रांड लांच किए। जिनका नाम हैशटैग और टेरावल्र्ड रखा गया। ये दोनों ही ब्रांड जल्द ही लोगों की पसंद बन गए। इनमें से एक ब्रांड का विज्ञापन अभिनेत्री सोनम कपूर कर रही हैं। इस दौरान खास बात यह है कि सडक़ों व गलियों में बैग बेचने वाले तरूण जैन ने इतनी बड़ी कंपनी की स्थापना कर दी, जिसमें आज हजारों लोगों को रोजगार मिल रहा है।

कई उद्यमियों को दिया प्रशिक्षण

कई उद्यमियों को तरूण जैन प्रशिक्षण देकर अपने साथ भी जोड़ रहे हैं। ये उद्यमी भी उनके अनुरूप अपने बिजनेस से करोड़ों रुपए कमा रहे हैं। तरूण जैन ने मीडिया को दिए एक इंटव्यू में बताया कि अब उन्होंने अपनी कंपनी का सालाना टर्नओवर एक हजार करोड़ रुपए निर्धारित करने का लक्ष्य रखा है। उन्हें पूरी उम्मीद है कि जल्द ही उनका यह लक्ष्य भी पूरा हो जाएगा।

- Advertisement -

Latest News

वैलंटाईन डे मनाने का अनोखा तरीका,मालगाड़ी के नीचे पहुंच गया प्रेमी जोड़ा, फोटो देखकर आएगा मजा

वैलंटाईन डे को प्यार के दिन के तौर पर मनाया जाता है। इस दिन दुनिया भर में प्रेमी जोड़े...
- Advertisement -

और भी पढ़े

- Advertisement -