Sunday, April 18, 2021
- Advertisement -

साफ्टवेयर इंजीनियर की नौकरी छोडक़र शुरू किया अपना व्यवसाय, 9 रुपए की कमाई से धंधा पहुंचा लाखों में

Must Read

वैलंटाईन डे मनाने का अनोखा तरीका,मालगाड़ी के नीचे पहुंच गया प्रेमी जोड़ा, फोटो देखकर आएगा मजा

वैलंटाईन डे को प्यार के दिन के तौर पर मनाया जाता है। इस दिन दुनिया भर में प्रेमी जोड़े...

अलग ही मिट्टी के बने तुषार, 17 साल तक असफलताओं से लड़े, अब बने जज

लोग दो या तीन साल की मेहनत के बाद सफल नहीं होते है तो वह टूट जाते है। लोग...

शहर घूमने सडक़ों पर निकला कोबरा तो रूक गया ट्रैफिक, घटना का वीडियो वायरल

वन्य जीवों के शहर में घूसने के मामले आए दिन सामने आते रहते हैं। कभी तेंदुआ तो कभी कोई...
Sanjay Kapoorhttps://citymailnews.com
Sanjay kapoor is a chief editor of citymail media group

आजकल के युवा शहरों की चकाचौंध में रहकर अपना भविष्य बनाना चाहते हैं। उन्हें लगता है कि वह अधिक पढ़ लिखकर डिग्री हासिल कर बड़ी नौकरी प्राप्त कर सभी सुख साधन हासिल कर सकते हैं। इसके लिए अपने गांव और छोटे शहर को छोडक़र बड़े शहरों में आ जाते हैं। लेकिन इसके विपरित एक युवक ने साफ्टवेयर इंजीनियर की अपनी अच्छी खासी नौकरी छोडक़र अपने गांव में ही खुद का भविष्य बनाने का सपना देखा। उसकी सोच थी कि वह अपने छोटे से गांव को ही अपने रोजगार का ठिकाना बनाएगा। अपने मां-बाप के साथ रहकर अमन चैन की जिदंगी जिएगा तथा अपने गांव के लोगों को भी रोजगार से जोड़ेगा।

उत्तराखंड के छोटे से गांव के रहने वाले हैं हरीओम

यह कहानी है उत्तराखंड के देहरादून के एक छोटे से गांव में रहने वाले साफ्टवेयर इंजीनिर हरीओम नौटियाल की। हरीओम का जन्म एक छोटे से गांव में हुआ था। उनके मां-बाप चाहते थे कि उनका बेटा इंजीनियर बनकर बड़ा आदमी बनें। मां-बाप की इच्छा अनुसार उन्होंने साफ्टवेयर इंजीनियरिंग की डिग्री ली और साफ्टवेयर इंजीनियर का काम करने लगे। इस काम से उन्हें अच्छी खासी सैलरी मिल रही थी। इस नौकरी से वह बढिया जीवन यापन भी कर रहे थे, पंरतु उनके मन में कहीं ना कहीं अपने गांव में रहकर बड़ा काम करने की इच्छा रहती थी। वह अपने गांव में ही रहकर कुछ अलग काम करना चाह रहे थे। एक दिन उन्होंने अपने मन में व्याप्त इच्छा को पूरा करने की ठानी।

गांव की मिटटी बुला रही थी अपने पास

गांव की मिट्टी हरीओम को लगातार अपने पास बुला रही थी और वह भी अपनी मिट्टी की खूशबू से खिंचते चले गए। एक दिन उन्होंने ठानी और नौकरी छोडक़र अपने गांव चले गए। हालांकि नौकरी छोडऩे पर उन्हें रिश्तेदार व आसपास के लोगों ने ताने भी दिए और सलाह भी दी कि वह नौकरी ही करें। गांव में क्या रखा है, क्या करोगे, किस तरह से जीवन यापन करोगे। जाति से ब्राहण हरीओम को लोगों की बातें कई बार विचलित भी करती थीं। मगर इसके बावजूद उनके भीतर अपने गांव में ही रहकर कुछ करने की जो ललक सवार थी, उसे देखते हुए उन्होंने सभी की बातों को सुनना बंद कर दिया।

गांव में खोला डेयरी फार्म

नौकरी छोडक़र आने के बाद हरीओम ने गांव में एक डेयरी फार्म खोलने की ठानी। इसके लिए उन्होंने अपनी जमापूंजी से पहले पांच गायें खरीदी। इन गायों के साथ ही उन्होंने अपने डेयरी व्यवाय का शुभारंभ कर दिया। हालांकि पहले पहल इस व्यवसाय को लेकर लोगों ने उन्हें ना जानें क्या क्या कहा, मगर वह ठान चुके थे कि किसी की सुनें बिना ही अपना काम करना है। हरीओम को अच्छे से पता था कि हर काम में संघर्ष तो करना ही होगा।

पहले पहल होती थी 9 रुपए की कमाई

हौंसलों की उड़ान पर सवार हरीओम को पहले पहले अपनी डेयरी से 9 रुपए से लेकर 250 रुपए तक ही आय हुई। इतनी कम इंकम होने के बाद भी उन्होंने अपना हौंसला नहीं गिरने दिया और अपना काम लगातार जारी रखा। इसके बाद उन्होंने मुर्गी पालन का काम भी शुरू कर दिया। हालांकि ब्राहण परिवार से होने की वजह से हरीओम को मुर्गी पालन के काम को लेकर लोगों की काफी सुननी भी पड़ी। पंरतु वह आगे बढ़ते गए और दूध और मुर्गी पालन के जरिए अपना काम करते रहे। लोगों ने उनसे कहा भी कि ब्राहण होने के बाद भी क्या नॉनवेज का काम करोगे। लोगों को उनका काम गलत लगने लगा, मगर फिर भी वह अपने काम पर अडिग रहे।

धीरे-धीरे बढऩे लगा प्राफिट

धीरे धीरे हरीओम का काम गति पकडऩे लगा और देखते ही देखते 9 रुपए से बढक़र उनका मुनाफा लाखों रुपए में पहुंच गया। आज हरीओम धीरे धीरे अपने व्यवसाय को बढ़ाते हुए चिकन, अंडा और दूध की होम डिलीवरी की सुविधा भी लोगों को दे रहे हैं। बताते हैं ही हरीओम अपने प्रोडेक्ट को मार्केट से भी कम कीमत पर बेचते हैं। जिसके चलते उनका काम बड़ा प्राफिट में बदलने लगा है। इसे कहते हैं कि मन में यदि कुछ ठान लो तो वह एक दिन साकार जरूर होता है। हरीओम नौटियाल ने एक इंजीनियर की नौकरी छोडक़र बड़ा रिस्क लिया था, मगर वह अपनी सूझबूझ और परिश्रम के बल पर अपने सपने को साकार करने में सफल रहे।

- Advertisement -

Latest News

वैलंटाईन डे मनाने का अनोखा तरीका,मालगाड़ी के नीचे पहुंच गया प्रेमी जोड़ा, फोटो देखकर आएगा मजा

वैलंटाईन डे को प्यार के दिन के तौर पर मनाया जाता है। इस दिन दुनिया भर में प्रेमी जोड़े...
- Advertisement -

और भी पढ़े

- Advertisement -