Wednesday, May 19, 2021
- Advertisement -

दो बार UPSC परीक्षा में फेल हुई पूर्व डीजीपी की बेटी, तीसरी बार में किया टॉप और बन गईं IFS अफसर

Must Read

वैलंटाईन डे मनाने का अनोखा तरीका,मालगाड़ी के नीचे पहुंच गया प्रेमी जोड़ा, फोटो देखकर आएगा मजा

वैलंटाईन डे को प्यार के दिन के तौर पर मनाया जाता है। इस दिन दुनिया भर में प्रेमी जोड़े...

अलग ही मिट्टी के बने तुषार, 17 साल तक असफलताओं से लड़े, अब बने जज

लोग दो या तीन साल की मेहनत के बाद सफल नहीं होते है तो वह टूट जाते है। लोग...

शहर घूमने सडक़ों पर निकला कोबरा तो रूक गया ट्रैफिक, घटना का वीडियो वायरल

वन्य जीवों के शहर में घूसने के मामले आए दिन सामने आते रहते हैं। कभी तेंदुआ तो कभी कोई...

यूपीएससी की तैयारी करने के लिए सबसे अहम बात है कि खुद को निगेटिव लोगों से दूर रखें। जो लोग कहते हैं कि तुमसे नहीं होगा, उससे कट ऑफ कर दें। केवल और केवल पॉजीटिव विचारों के साथ अपनी परीक्षा की तैयारी करें। एक दिन सफलता आपके कदम जरूर चूमेगी। यह कहना है पंजाब के पूर्व डीजीपी की बेटी और यूपीएससी टॉप करने वाली मेघा अरोड़ा का। मेघा ने यूपीएससी सीएसई की परीक्षा में लगातार दो बार असफलता का स्वाद चखा, मगर हौंसला नहीं छोड़ा। विदेश में पढ़ाई करने की वजह से मेघा भारतीय विदेश सेवा को चुनना चाहती थी, ताकि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर वह हिन्दुस्तान को रिप्रेजेंट कर सके। अपने इस विजन को लेकर ही मेघा ने पूरी तैयारी की और अंतत: अपने गोल में सफल रही।

पिता आईपीएस और मां आईआरएस अफसर थे

यहां बता दें कि मेघा के पिता पंजाब प्रांत के डीजीपी रहे हैं और मां आईआरएस सेवा के लिए चुनी गई थीं। मेघा ने बचपन से ही सिविल सर्विस की बारीकियों को समझा था। हालांकि स्कूली पढ़ाई के बाद मेघा ने गे्रजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन विदेश से किए थे। वह चाहती तो विदेश में ही सैटल हो सकती थीं। मगर उच्च शिक्षा हासिल करने के बाद वह अपने देश लौट आई। अपने देश आकर मेघा ने सिविल सर्विस की तैयारी शुरू कर दी। हालांकि इसके लिए शुरू में मेघा ने कोचिंग का सहारा भी लिया, मगर उन्हें ठीक नहीं लगा। उनका मानना है कि कोचिंग के दौरान एक तो भीड़ बहुत ज्यादा होती है और दूसरा फोकस आप पर केंद्रित नहीं रहता। इसलिए कोचिंग छोडक़र मेघा ने सेल्फ स्टडी को चुना।

सेल्फ स्टडी का तरीका

मेघा ने सेल्फ स्टडी के दौरान अपने रूम से सभी गैजेटस हटा दिए और वह सभी चीजें वहां से गायब कर दी, जोकि उनका ध्यान भटका सकती थी। इस तरह से रात दिन की मेहनत के बाद मेघा ने यूपीएससी परीक्षा दी, मगर उन्हें असफलता का सामना करना पड़ा। परंतु उन्होंने भी भरोसा और धैर्य नहीं छोड़ा और लगातार प्रयास करती रही।

इस तरह से बनीं टॉपर

मेघा का कहना है कि वह यूपीएससी की प्री परीक्षा में फेल रहीं। इसलिए वह तीनों चरणों में से इसे सबसे अधिक टफ मानती हैं। इसलिए परीक्षार्थी को सबसे ज्यादा इस पर ही ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता होती है। मेघा ने दिल्ली नॉलेज टे्रक को दिए इंटव्यू में अपने साथ घटित सभी वाक्यों से रूबरू करवाया। उन्होंने कहा कि वह बार के फेलियर के बाद जब उन्होंने तीसरी बार 2017 में परीक्षा दी तो तीनों चरण पास करने के बाद सीधे टॉपर बनीं। उन्होंने 108 वीं रैंक के साथ यूपीएससी पास की और भारतीय विदेश सेवा को चुना।

मेघा ने बताई अपनी गलतियां

मेघा बताती हैं कि दो बार फेल होने का कारण उनका सही तरीके से रिविजन ना करना है। उनका समय को मैनेज करने का तरीका भी सही नहीं था। इसके बाद उन्होंने खुद की गलतियों को पकडऩा शुरू किया और धीरे धीरे वह इस लेवल पर पहुंच गईं, जहां उन्हें अपनी कमियां साफ दिखाई देने लगी थी। इसके बाद उन्होंने तीसरी बार में सारी कमियों को खारिज करते हुए जब तैयारी की तो वह सफल होने वालों की लिस्ट में टॉप पर थीं।

मेघा ने दी सलाह

मेघा का कहना है कि इसलिए उनकी सलाह है कि जो लोग यूपीएससी की परीक्षा देना चाहते हैं उन्हें अपनी पढ़ाई के तौर तरीकों व खुद को पहचाना जरूरी है। उन्होंने बताया कि शुरू मेें वह सात घंटे तक पढ़ाई करती थी। टाईम मैनेज करना बहुत जरूरी है और जैसे जैसे परीक्षा का टाईम नजदीक आया तो उन्होंने पढ़ाई का समय बढ़ा दिया। इस तरह से वह टॉप आने वालों की लिस्ट में वह शामिल हो गईं। वह कहती हैं कि खुद पर भरोसा रखना जरूरी है, एक दिन सफलता जरूर मिलती है।

- Advertisement -

Latest News

वैलंटाईन डे मनाने का अनोखा तरीका,मालगाड़ी के नीचे पहुंच गया प्रेमी जोड़ा, फोटो देखकर आएगा मजा

वैलंटाईन डे को प्यार के दिन के तौर पर मनाया जाता है। इस दिन दुनिया भर में प्रेमी जोड़े...
- Advertisement -

और भी पढ़े

- Advertisement -