Wednesday, January 27, 2021
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बरसात में छत टपकती थी, फिर भी पढ़ाई नहीं रोकी और बने IPS

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New Delhi: जिस तरह से एक भक्त अपने भगवान को प्रसन्न करने के लिए लंबी साधना करता है। उसी प्रकार यूपीएससी की परीक्षा पास करने के लिए भी लंबी साधना करनी पड़ती है। तब जाकर कुछ छात्र इस कठिन मानी जाने वाली परीक्षा को पास कर पाते हैं। आज बात ऐसे ही एक शख्स की, जो पढ़ाई में इतने लीन रहते थे कि उन्हें यह नहीं पता चल पाता था कि बरसात के कारण छत से पानी टपक रहा है। शख्स की इसी लगन व मेहनत ने उन्हें आईपीएस अफसर बनाया। इस आईपीएस अफसर का नाम है नूरुल हसन। चलिए जानते हैं इनके बारे में

कई कठिनाईयों से होकर गुजरना पड़ा
नूरुल हसन भी उन छात्रों की तरह ही थे, जिनके घर के हालात ठीक नहीं थे। उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले के रहने वाले हसन का बचपन बेहद ही गरीबी से गुजरा। एक वक्त तो ऐसा भी आया जब हसन के पिता को उनकी जमीन भी बेचनी पड़ी। जिसके बाद हसन की फीस भरी गई थी।

बरसात में छत से टपकता था पानी
नूरुल हसन ने हाल में दिए एक साक्षात्कार में बताया था कि वह जिस स्कूल में पढ़ते थे, वहां बरसात के दिनों में छत से पानी टपकता था। फिर भी वह पढ़ाई करते थे। वह अपने शिक्षकों को थैंक्यू कहते हैं जिन्होंने उन्हें कठिन परिस्थितियों में पढ़ाया। हसन बताते हैं कि पांचवी क्लास में उन्होंने एबीसीडी सीखी। 12वीं क्लास तक उनकी अंग्रेजी काफी कमजोर थी। जिसे धीरे-धीरे उन्होंने सुधारा।

पिता ने बेची जमीन
नूरुल बताते हैं कि उनके पिता जब बरेली नौकरी के लिए आए तो उन दिनों में वह स्लम बस्ती में रहते थे। 11वीं व 12वीं की पढ़ाई वहीं की। इसके बाद बीटेक में दाखिला लिया। जिसके लिए पिता को जमीन भी बेचनी पड़ी। बीटेक करने के बाद उनकी एक अच्छी नौकरी भी लगी। हसन ने कुछ समय के लिए नौकरी भी की, जिससे उनके परिवार को मदद मिल सके।

नौकरी के साथ यूपीएससी की तैयारी
हसन ने नौकरी करने के दौरान ही यूपीएससी की तैयारी शुरु कर दी। वह बताते हैं कि उन्होंने कोचिंग नहीं ली। क्योंकि उसकी फीस ज्यादा थी। उन्होंने सेल्फ स्टडी के दम पर ही पढ़ाई की। और यूपीएससी की परीक्षा पास कर ली।

छात्रों को देते हैं सलाह
हसन छात्रों को सलाह देते हुए कहते हैं कि पूर्व में किया हुआ। उस पर चर्चा करने की बजाय पूरी मेहनत के साथ यूपीएससी की तैयारी करे। परीक्षा का माध्यम परिणाम पर फर्क नहीं डालता है।

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