Friday, April 23, 2021
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दुख भरी है इस महिला की कहानी, घर गिरवी रखकर खोली दुकान, ट्रकों में पंचर लगाकर चला रही है परिवार

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Sanjay Kapoorhttps://citymailnews.com
Sanjay kapoor is a chief editor of citymail media group

मजबूरी ऐसी चीज है जो इंसान से कुछ भी करवा सकती है। ऐसी ही एक असली कहानी है आदिलक्ष्मी की। पैसों की कमी के चलते आदिलक्ष्मी और उनके पति ट्रकों में पंचर लगाने का काम करते हैं। हालांकि महिलाओं को ऐसे कामों के लिए अनुमति नहीं होती, मगर आर्थिक संकट के चलते आदिलक्ष्मी ये काम करने के लिए मजबूर है। पंरतु उनकी खासियत ये है कि वह बड़े से बड़े हैवी ट्रकों के पंचर भी मिनटों में लगा देती है। पूरे इलाके में आदिलक्ष्मी की उनके काम करने के तरीके को लेकर खूब चर्चा होती है।

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तेलगांना की एकमात्र पंचर लगाने महिला है

30 साल की आदिलक्ष्मी तेलगांना की एकमात्र ऐसी महिला है, जो भारी भरकम टायरों के पंचर लगाने का काम आसानी से कर देती है। उनके लिए ये काम करना उल्टे हाथ का काम है। बता दें कि आदिलक्ष्मी तेलगांना के कोथागुडेम जिले के सुजातानगर में अपने पति वीरभद्रम के साथ टायर पंचर की ये दुकान चलाती है। 20 साल की उम्र उनका विवाह हो गया था। घर में आर्थिक तंगी का माहौल है। इसलिए तीन साल पहले वीरभद्रम ने अपनी पत्नी के साथ मिलकर ये दुकान खोली थी। इसके लिए उन्हें अपना मकान गिरवी रखना पड़ा था।

पहले ग्राहक कतराते थे, मगर अब

हालांकि पहले पहल पंचर लगाने वाली इस महिला को देखकर लोग उनकी दुकान पर आने से कतराते थे। ग्राहकों को यकीन नहीं होता था कि एक महिला ठीक से पंचर लगा भी पाएगी। मगर कुछ समय बाद ही आदिलक्ष्मी के काम की तारीफ होने लगी तो ग्राहक उनकी दुकान पर आने लगे। आदिलक्ष्मी 24 घंटे अपनी दुकान खोलती है, जिनके काम करने के तौर तरीकों से ग्राहक भी काफी खुश हैं।

सरकार से है सहायता की उम्मीद

आदिलक्ष्मी ने बताया कि वह लगातार कर्ज के बोझ तले दब रहे थे। इसलिए उन्होंने अपने पति का हाथ बंटाने का निर्णय लिया। दो बेटियों की मां आदिलक्ष्मी बताती है कि आर्थिक दिक्कत की वजह से उनके पास औजारों की कमी है, मगर फिर भी वह इनसे बढिय़ा काम कर लेती हैं। वह सरकार से भी मदद की उम्मीद रखती हैं, ताकि वह अपनी बेटियों का भविष्य सुरक्षित कर सकें। कोथागुडम ऐसा इलाका है, जहां अधिकांश खनन का काम होता है। जिसके चलते वहां भारी भरकम ट्रकों का आवगमन ही अधिक होता है।

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