Thursday, April 22, 2021
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एनकाऊंटर में मारे गए बदमाश की बेटी को इस पुलिस अधिकारी ने लिया गोद, अपने बच्चों की तरह करते हैं लालन-पालन

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Sanjay Kapoorhttps://citymailnews.com
Sanjay kapoor is a chief editor of citymail media group

हम लोग पुलिस वालों के काम पर हमेशा उंगली उठाते हैं और उनकी कार्यप्रणाली को लेकर सवालिया निशान खड़े करते हैं। लेकिन कई बार पुलिस के कर्मचारी ऐसी मिसाल पेश करते हैं, जिन्हें देखकर उन्हें हीरो का मैडल देने का मन करता है। ऐेसे ही एक पुलिस अधिकारी का नाम है आईजी मोहित अग्रवाल। जिन्होंने एक बदमाश की बेटी को गोद लेकर उसके लालन पालन का सारा खर्च खुद उठाकर शानदार मिसाल पेश की है।

बदमाश ने 25 बच्चों को बनाया था बंधक

उत्तर प्रदेश के फर्रू खाबाद के गांव करथिा में पिछले साल 1 जनवरी को सुभाष नामक बदमाश का एनकाऊंटर किया गया था। सुभाष ने अपनी बेटी के जन्मदिन के बहाने गांव के 25 बच्चों को अपने घर में बंधक बना लिया था। गांव वालों की अपील पर भी सुभाष ने बच्चों को रिहा नहीं किया। बाद में जब पुलिस वहां पहुंची तो लगातार सुभाष से बच्चों को छोडऩे की गुहार लगाती रही। करीब 12 घंटे तक पुलिस बच्चों को सुभाष से छुड़वाने का प्रयत्न करती रही। पंरतु सुभाष किसी की बात भी मानने के लिए तैयार नहीं था। अंत में पुलिस ने घर में घुसकर सुभाष का एनकाऊंटर कर दिया। इसके बाद बंधक बनाए गए बच्चों को रिहा करवाया जा सका।

सुभाष की पत्नी को गांव वालों मे मार डाला

इस घटना के बाद गांव वालों में इतना गुस्सा था कि उन्होंने सुभाष की पत्नी को पीट पीटकर मार डाला। इसके बाद सुभाष की बेटी गौरी बिल्कु ल अनाथ हो गई थी। कोई भी उसे अपनाने के लिए तैयार नहीं था। मगर उसी समय यूपी पुलिस के आईजी मोहित अग्रवाल सामने आए और उन्होंने गौरी को गोद ले लिया। सुभाष के आपरेशन का नेतृत्व कर रहे आई जी मोहित अग्रवाल ने बच्ची को गोद लेने के साथ ही बालिग होने तक उसका सारा खर्च खुद उठा लिया।

अपने बच्चों की तरह रखते हैं ख्याल

हर महीने वह गौरी के खर्च के लिए पांच हजार रुपए भेजते हैं। यही नहीं बल्कि हर त्यौहार पर गौरी को अपने बच्चों की तरह से खिलौने व नए कपड़े भी देते हैं। अपने स्तर पर वह गौरी का पूरा ख्याल रखते हैं। आईजी मोहित अग्रवाल हर महीने गौरी से मिलने भी जाते हैं। सुभाष के एनकाऊंटर के बाद सरकार की ओर से श्री अग्रवाल को एक लाख रुपए का पुरस्कार मिला था। इस पुलिस अधिकारी ने यह राशि भी सुभाष की बेटी गौरी के नाम एफडी के तौर पर बैंक में जमा करवा दी है। ताकि बड़े होने पर यह राशि गौरी के काम आ सके।

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