Tuesday, January 19, 2021
- Advertisement -

फ्री में बच्चों को मैथ्स की ऑनलाइन क्लास दे रहे हैं यह शिक्षक

Must Read

सलाम है इस शिक्षक को, हर रोज घोड़े पर बच्चों को पढ़ाने के लिए 18 किलोमीटर दूर जाते हैं वेंकटरमन

गुरू और शिक्षक किसी की भी तकदीर बनाने में सक्षम माने जाते हैं। कहते हैं कि शिक्षक उस दीपक...

किसी की मोहताज नहीं होती कामयाबी, प्रिंस ने साबित कर दिखाया, बनाया ऐसा पक्षी, जो बचाएगा हजारों जिदंगी

कहते है कि कामयाबी किसी की मोहताज नहीं होती। जिसके अंदर काबलियत होगी, कामयाबी उसकी चौखट पर खड़ी होती...

New Delhi: स्कूल के दिनों में अकसर छात्रों को मैथ्स के सवाल हल करने में दिक्कतें आती हैं। कई छात्रों को तो मैथ्स विषय से ही घबराहट होने लगती है। लेकिन ऐसा नहीं है। अगर सही तरीके से मैथ्स के सवाल समझे जाए तो इसे आसानी से हल किया जा सकता है। बहरहाल आज हम आपको ऐसे शिक्षक से मिलाने जा रहे हैं जिन्हें मैथ्स पढ़ाने का लंबा अनुभव है, और वह इस अनुभव को छात्रों को पढ़ा कर शेयर कर रहे हैं। चलिए जानते हैं इनके बारे में

कौन है यह शिक्षक
रामदुुगु लक्ष्मी नरसिम्हा मूर्ति, जिन्हें आरएलएन के नाम से भी जाना जाता है। वह पिछले 35 सालों से मैथ्स पढ़ा रहे हैं। 55 साल के मूर्ति मौजूद समय में हैदराबाद के गुर्रम गुडा में रहते हैं। बताते चले कि वह नलगोंडा जिले के पीए पाली मंडल के मेदराम गांव से आते हैं। वह बताते हैं कि मैथ्स काफी असान विषय है। इसे याद करने की जरूरत नहीं। हाल में ही 22 दिसंबर को आयोजित एक कार्यक्रम में मूर्ति को आईएफ फाउंडेशन की ओर से गणित भूषा पुरस्कार से नवाजा गया है।

चलाते हैं सकला विद्या
प्राप्त जानकारी के अनुसार मूर्ति 1998 से टोड्रानपेट गांव के जिला में आने वाले परिषद हाई स्कूल में वह कक्षा 8वीं 9वीं व इंटरमीडिएट स्तर से लेकर ईएएमसीईटी और आईआईटी-जेईई मेन्स तक के छात्रों को पढ़ाते आए हैं।

कोविड के दौरान लेने लगे लाइव क्लासेज
प्राप्त जानकारी के अनुसार जब कोराना के चलते लॉकडाउन लगाया गया तो मूर्ति ने प्रतियोगी छात्रों के लिए लाइव इंटरेक्टिव कक्षाएं लेना शुरु किया। बताते चले कि मूर्ति के द्वारा ली जाने वाली यह क्लासेज बिल्कुल फ्री हैं। मूर्ति बताते हैं कि बिना शुल्क लिए भी लोग छात्रों को पढ़ा सकते हैं। इसलिए मैंने तय किया कि मैं निशुल्क ही पढ़ाऊंगा।

ऐसे तैयार किया गया क्लास
मूर्ति बताते हैं कि ऑनलाइन क्लासेज लेने के लिए ब्लैकबोर्ड को डिजिटल बोर्ड द्वारा बदला गया और आईसीटी टूल्स का उपयोग कर रहा है। बताया जाता है कि वह रोजाना 2 घंटे के लिए क्लासेज लेते हैं। इनकी क्लासेज अंग्रेजी में दी जाती है,और इनके पास इंडिया ही नहीं बल्कि दूसरे देशों के छात्र भी ऑनलाइन क्लासेज लेते हैं। बता दें कि उनका यूट्यूब पर अपना चैनल भी है। जिसे तकरीबन 1 लाख लोग फॉलो करते हैं।

 

- Advertisement -

Latest News

- Advertisement -

और भी पढ़े

- Advertisement -