Friday, April 23, 2021
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मुस्लिम समुदाय के इस गांव का है गौरवशाली इतिहास, यहां का हर बच्चा है भारतीय सेना का जवान

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Sanjay Kapoorhttps://citymailnews.com
Sanjay kapoor is a chief editor of citymail media group

देश में एक गांव ऐसा भी है, जहां का हर बच्चा अपने देश के लिए जीता और मरता है। इस मुस्लिम आबादी वाले गांव में हर किसी का दिल अपने देश की सेवा के लिए धडक़ता है। गांव का हर बच्चा बचपन से ही भारतीय सेना का हिस्सा बनना चाहता है। इन लोगों में अपने देश की सेवा का जज्बा कूट कूटकर भरा हुआ है।

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वीर भूमि को समर्पित है मुस्लिमों का ये गांव

आंध्रप्रदेश के प्रकाशम जिले के मल्लारेड्डी गांव को वीर जवानों की भूमि होने के गौरवशाली इतिहास से नवाजा जाता है। इस गांव का कोई ना कोई व्यक्ति देश की सुरक्षा के प्रति अपनी जान न्यौछावर करने के लिए सीमा पर तैनात है। इस गांव का अपना ही इतिहास है। बात चाहे द्वितीय विश्व युद्व की ही क्यों ना हो, यहां के नौजवानों ने अपना बलिदान दिया है। मौजूदा समय में भी इस गांव के जवान पाकिस्तान और चीन की सीमाओं पर अपने देश की हिफाजत में तैनात हैं।

बचपन से ही करते हैं सेना में जाने की तैयारी

मुस्लिम समुदाय की आबादी वाले इस गांव में बचपन से ही बच्चे सेना में जाने की तैयारी करने लगते हैं। हालांकि इस गांव में इंजीनियर और एमबीए करने वाले बच्चों की तादाद भी है, मगर उनका दिल पहले अपने देश के लिए ही धडक़ता है। इस गांव के बच्चे बचपन में ही ऐसे खेल खेलते हैं, जिनसे उन्हें सेना में भर्ती होने में आसानी रहती है।

सीमा से ही रिटायर हो गए अनेक लोग

मीडिया से बातचीत में गांव के बुजुर्गों का कहना है वह श्रीलंका में आईपीकेएफ में शामिल रहे हैं। कारगिल युद्व में भी उन्होंने अपने जौहर दिखाए हैं। यह इतिहास भी उनके गांव के नाम दर्ज है। इसके साथ साथ राजस्थान सीमा पर भी उन्होंने दिन रात डयूटी देकर अपना फर्ज निभाया है। गांव के कई लोग तो सीमा पर चौकसी करते हुए ही रिटायर हुए हैं। इन बुजुर्गों का कहना है कि आज भी उनके बेटे भारतीय सेना में हैं। जिनके सीने पर भारतीय वर्दी देखकर उनका सीना गर्व से चौड़ा हो जाता है।

 

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